संयुक्त राज्य ने ईरान के 90 लक्ष्यों पर नई हवाई मारें कीं, जबकि तेहरान ने बहरीन, कुवैत और क़तर पर मिसाइलें चलाईं। यह चक्रव्यूह अंतरिम समझौते को खतरे में डालता है और खाड़ी‑हॉर्मुज़ जलमार्ग की ऊर्जा आपूर्ति को अस्थिर कर रहा है।
संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान में 90 विभिन्न सैन्य लक्ष्य पर हवाई हमले किए, उसी समय तेहरान ने बहरीन, कुवैत और क़तर पर मिसाइलों और ड्रोन का प्रहार किया। यह प्रतिद्वंद्विता अंतरिम शांति संधि को गंभीर रूप से चुनौती देती है, जो पिछले महीने हॉर्मुज़ जलमार्ग को पुनः खोलने के बाद स्थापित हुआ था।
पृष्ठभूमि और रणनीतिक महत्व
हॉर्मुज़ जलमार्ग विश्व ऊर्जा आपूर्ति का प्रमुख कंधा है; यहाँ से गुजरने वाले तेल और गैस का लगभग 20 % वैश्विक बाजार पर निर्भर करता है। पिछले महीने दो‑तरफ़ा संवाद के बाद एक अस्थायी समझौता हुआ था, परन्तु अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इरानी जहाज़ों पर हालिया हमलों को ‘समझौते की समाप्ति’ के रूप में अंकित किया। इस संदर्भ में, दोनों पक्षों के बीच नई हवाई मारें और मिसाइल प्रहार क्षेत्रीय सुरक्षा को अत्यधिक अस्थिर कर रहे हैं।
हवाइयां और जवाबी प्रहार
ईरान में दो दिन तक जारी अमेरिकी हवाई हमलों में कम से कम 14 सैनिक मारे गए और 78 घायल हुए। बहरीन में तीन बार सायरन बजे, जहाँ अमेरिकी नौसेना की पाँचवीं फ़्लीट स्थित है। कुवैत ने तीन बैलिस्टिक मिसाइल, एक क्रूज़ मिसाइल और 10 ड्रोन को नीचे गिराया, जिससे एक नागरिक घायल हुआ। जॉर्डन ने भी इरानी प्रहार को रोकने के लिए सभी incoming fire को इंटरसेप्ट किया। इरानी राज्य टेलीविज़न ने कहा कि क्रांतिकारी गार्ड ने जॉर्डन में अमेरिकी बेस पर मिसाइलें फेंकीं, जबकि क़तर में क्षति की कोई पुष्टि नहीं हुई।
क्षतिपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि इस ऑपरेशन का उद्देश्य हॉर्मुज़ जलमार्ग में नेविगेशन की स्वतंत्रता को खतरे में डालने की इरान की क्षमता को और घटाना है। इसी दौरान, इरान ने बुशहर के निकट, जहाँ एकमात्र परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थित है, कई विस्फोटों की रिपोर्ट की। इरानी मीडिया ने गोलेस्टान में रेलवे पुल और माशहद की दिशा में दो पुलों को लक्षित करने का उल्लेख किया, जो प्रथम बार अप्रैल के बाद देखी गई इस तरह की रणनीतिक लक्ष्यों पर हमला था।
भविष्य की संभावनाएँ
ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर इरान के हमलों का जवाब देते हुए कहा कि यदि इस तरह के प्रहार दोहराए गये तो “स्थिति और भी बिगड़ जाएगी”। वहीं, इरान के विदेश मंत्री ने सऊदी, तुर्की, ओमान और पाकिस्तान के नेताओं से संपर्क किया है, जिससे क्षेत्रीय तनाव को कम करने की कोशिशें जारी हैं। अंतरिम समझौते के टूटने से संभावित व्यापक युद्ध और तेल की कीमतों में उछाल की आशंका बनी हुई है, जबकि कूटनीतिक चैनल अभी भी खुले हैं।