शारजाह‑कराची मार्ग पर नेविगेशन त्रुटि की रिपोर्ट के बाद क़तार में गायब हुए K2 Airways के कार्गो प्लेन के मलबे में नई खोजें हुईं। नौसेना ने अतिरिक्त टुकड़े बरामद किए, लेकिन मुख्य फ्यूज़लेज़, ब्लैक बॉक्स और पाँच क्रू सदस्यों का पता नहीं चल पाया।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- पाकिस्तान की नौसेना ने अरब सागर में अतिरिक्त मलबा बरामद किया।
- मुख्य फ्यूज़लेज़, ब्लैक बॉक्स और पाँच क्रू सदस्य अभी भी गहरे पानी में डूबे हुए हैं।
- परिवारों ने गहरी खोज के लिए विशेष कंपनियों की मदद की मांग की है।
शारजाह (UAE) से कराची के रास्ते पर उड़ान भरते समय K2 Airways का कार्गो प्लेन मंगलवार रात नेविगेशन सिस्टम में गड़बड़ी की सूचना देने के बाद रडार से गायब हो गया। तब से लगभग 100 किलोमीटर दूर मकरान तट के पास तैरते हुए मलबे एकत्र किए जा रहे हैं, परंतु विमान का मुख्य फ्यूज़लेज़ और पाँच क्रू सदस्य अभी तक नहीं मिले हैं।
घटना की समयरेखा
रात 9:21 बजे विमान ने नेविगेशन त्रुटि की सूचना दी और कराची से लगभग 287 किलोमीटर पश्चिम में रडार संपर्क खो दिया। अगले दिन, ओरमारा के दक्षिण में 98 किलोमीटर दूरी पर हल्का मलबा बरामद हुआ। गुरुवार को मोनसून की तेज़ लहरों के बीच गहरी समुद्री खोज जारी रही, जबकि शुक्रवार को नौसेना ने अतिरिक्त मलबा अपने जहाजों पर लाद दिया।
परिवारों की अपील
क्रू के परिवारों ने सरकार से अपील की है कि खोज कार्य को कम न किया जाए। को‑पाइलट फैसल जतोई के पिता नाज़िम जतोई ने विशेष कंपनियों को बुलाने की मांग की, जो गहरे पानी में ब्लैक बॉक्स और कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर (CVR) को ढूंढ़ सकें। उनका मानना है कि ये उपकरण दुर्घटना के कारणों को स्पष्ट करेंगे।
तकनीकी चुनौतियां
विमान का अनुमानित गहराई लगभग 9,800 फीट (3,000 मीटर) है, जहाँ सामान्य डाइविंग उपकरण काम नहीं कर पाते। इसलिए साउंडर और रिमोट‑ऑपरेटेड वेहिकल (ROV) की जरूरत होगी, जो खोज को महीनों तक खींच सकता है। ब्लैक बॉक्स में लगे बीकन केवल 30 दिन तक सिग्नल देते हैं, इसलिए समय की कसौटी पर खोज तेज़ी से करनी होगी।
सरकारी एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री शहाब शरिफ ने सभी उपलब्ध संसाधनों को जुटाने का आदेश दिया है। K2 Airways ने जांच में पूरी सहयोग की घोषणा की है। इस बीच, पाकिस्तान एयरोपोर्ट अथॉरिटी ने कहा कि विमान के डेटा रिकॉर्डर मिलने पर ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।