प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी न्यूज़ीलैंड पहुंचे, जहाँ उन्होंने प्राइम मिनिस्टर क्रिस्चियन लक्सन से मुलाकात की और भारतीय प्रवासी समुदाय को संबोधित किया। यह दौरा भारत-न्यूज़ीलैंड संबंधों को गहरा करने और इंडो‑पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • मोडी तीन‑राष्ट्र यात्रा के अंतिम चरण के रूप में न्यूज़ीलैंड पहुंचे।
  • आर्थिक, रक्षा और इंडो‑पैसिफिक संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा।
  • भारतीय प्रवासियों से संबोधन, लोगों के बीच संबंधों को महत्व दिया।

सातवें जुलाई को, भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी न्यूज़ीलैंड के ऑकलैंड हवाई अड्डे पर उतरे, जहाँ उनका स्वागत प्राइम मिनिस्टर क्रिस्चियन लक्सन ने किया। यह यात्रा तीन‑राष्ट्र दौरे का समापन है, जिसमें पहले इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया के दौरे भी शामिल थे।

द्विपक्षीय संबंधों की पृष्ठभूमि

भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच 1962 के बाद से क्रमिक रूप से बढ़ते हुए आर्थिक, सांस्कृतिक और रक्षा संबंधों को इस दौरे ने एक नया आयाम दिया। 2025 में लक्सन की भारत यात्रा के बाद, दोनों देशों ने पारस्परिक समझौते और व्यापारिक सहयोग को और गहरा करने का वादा किया।

इंडो‑पैसिफिक रणनीति और क्षेत्रीय सुरक्षा

मोडी ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया और न्यूज़ीलैंड की यात्राएँ भारत की Act East Policy और MAHASAGAR Vision को सुदृढ़ करेंगी। ऑस्ट्रेलिया में, दोनों नेताओं ने रक्षा सहयोग, विशेषकर समुद्री सुरक्षा पर जोर दिया, जबकि न्यूज़ीलैंड में भी इसी दिशा में संवाद जारी रहा।

सहयोग के प्रमुख क्षेत्र

आर्थिक क्षेत्र में, मोदी और लक्सन ने व्यापार, निवेश और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के लिए कई पहल पर सहमति जताई। इसके अलावा, भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच दो‑वर्षीय वार्ताओं के बाद सील की गई नागरिक नाभिकीय ऊर्जा समझौता, न्यूज़ीलैंड में भी ऊर्जा और संसाधन सहयोग के नए अवसर खोल सकता है।

प्रवासी समुदाय के प्रति संदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने न्यूज़ीलैंड में एक बड़ी भारतीय समुदाय के सामने भाषण दिया, जिसमें उन्होंने सांस्कृतिक एकता, शिक्षा और उद्यमिता पर प्रकाश डाला। यह संबोधन भारत के वैश्विक लोगों के साथ संबंधों को मजबूत करने का एक सशक्त उदाहरण है।