स्पेन के अल्मेरिया प्रांत में तेज़ गर्मी के कारण हुई जंगल की आग ने कम से कम 12 लोगों की जान ली। कई पीड़ितों को बचने की कोशिश में जलते हुए वाहन में फँसा पाया गया, जिसमें ब्रिटिश और अन्य विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- अल्मेरिया में जंगल की आग में 12 मौतें, 8 घायल
- विदेशी नागरिकों सहित कई पीड़ितों ने आग से बचने की कोशिश में कार में फँसे
- स्पेन में लगातार बढ़ती गर्मी और जलवायु परिवर्तन ने आग के जोखिम को बढ़ा दिया
स्पेन के दक्षिणी प्रांत अल्मेरिया में रात भर फैली जंगल की आग ने कम से कम 12 लोगों की जान ले ली, जबकि 8 लोग घायल हुए और 23 लोग अभी भी लापता हैं, जैसा कि क्षेत्रीय नेता जुआन मैन्युअल मोरिनो ने बताया। यह घटना इस वर्ष की सबसे घातक जंगल की आगों में से एक मानी जा रही है, जो देश में जारी तीव्र गर्मी लहरों के बीच हुई।
आग की शुरुआत और कारण
आग एक सेमी‑आर्द्र बस्ती में, सिएरा डे लॉस फीलाब्रेस पहाड़ियों के पास, अचानक फट कर निकली। प्रारम्भिक रिपोर्टों के अनुसार, गिरा हुआ विद्युत लाइन संभावित कारण हो सकता है, जिसने तेज़ी से जंगल में आग फैला दी। स्थानीय अधिकारियों ने अभी तक आधिकारिक कारण की पुष्टि नहीं की है, परंतु ऐसी घटनाएँ अक्सर उच्च तापमान, तेज़ हवाओं और कम वर्षा के संयोजन से उत्पन्न होती हैं।
पीड़ितों की स्थिति और बचाव प्रयास
आग के शिकार कई लोग अपने वाहनों में फँसे हुए पाए गए, जहाँ से वे बचने की कोशिश में जलते हुए वाहन में ही मर गए। आपातकालीन सेवाओं के प्रमुख एंटोनियो सैंज़ ने बताया कि कई लोग शरण लेने के निर्देशों को अनदेखा कर, सूखे नदी के तल में भागे, जो “मृत्यु का जाल” बन गया। सात लोगों की मौत पैदल हुई, जब वे अपने वाहनों को छोड़कर रास्ता खोजने की कोशिश कर रहे थे।
स्पेन की सेना के 220 सैनिक और 150 फायरफाइटर्स ने 3,200 हेक्टेयर से अधिक के वन और कृषि क्षेत्रों में आग को बुझाने के लिए तैनात किए गए। चार ब्रिटिश नागरिक और अन्य विदेशी नागरिक भी मृतकों में शामिल हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस त्रासदी की प्रतिक्रिया तेज़ हुई।
जलवायु परिवर्तन और भविष्य की चुनौतियां
स्पेन ने पिछले कुछ वर्षों में कई बार तीव्र गर्मी लहरों का सामना किया है, जहाँ तापमान अक्सर 40 °C से ऊपर पहुंच जाता है। यूरोपीय संघ के कोपरनिकस क्लाइमेट सर्विस के अनुसार, यूरोप विश्व में सबसे तेज़ गर्मी बढ़ने वाला महाद्वीप है, और 1980 के बाद से इसका औसत तापमान वैश्विक औसत से दो गुना तेज़ बढ़ रहा है। इस प्रकार की जलवायु स्थितियां जंगल की आग को तेज़ी से फैलाने में प्रमुख भूमिका निभाती हैं।
फ्रांस, इटली और पुर्तगाल जैसे पड़ोसी देशों में भी समान परिस्थितियों के कारण बड़े पैमाने पर जंगल की आग देखी गई है, जिससे क्षेत्रीय सहयोग और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली की आवश्यकता स्पष्ट हुई है।