संयुक्त राज्य ने सुबह के शुरुआती घण्टों में ईरान के खिलाफ नई स्ट्राइक की, जिसका मकसद होर्मुज़ जलमार्ग में वाणिज्यिक जहाजों को खतरे से बचाना है। इस कदम से ईरान में विस्फोट की रिपोर्टें आईं और दोनों देशों के बीच कूटनीतिक प्रयासों का पतन घोषित किया गया।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- US ने ईरान के IRGC को लक्षित कर नई हवाई स्ट्राइक की
- होर्मुज़ में वाणिज्यिक शिपिंग की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई
- ईरान ने विस्फोट की सूचना दी, कूटनीति टूटने की घोषणा की
संयुक्त राज्य के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोमवार की सुबह, 17:00 ईएसटी पर, ईरान के खिलाफ नई हवाई स्ट्राइकें शुरू कीं। यह कार्रवाई, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के निर्देश पर, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉरप्स (IRGC) को जवाबदेह ठहराने और स्ट्राइकज के माध्यम से उनके समुद्री हमलों की क्षमता को घटाने के उद्देश्य से की गई।
पृष्ठभूमि और रणनीतिक महत्व
होर्मुज़ जलमार्ग विश्व ऊर्जा आपूर्ति का एक प्रमुख कड़ी है, जहाँ हर दिन लगभग एक-पाँचवाँ विश्व तेल और गैस का परिवहन होता है। पिछले हफ्तों में IRGC द्वारा इस जलमार्ग में वाणिज्यिक जहाजों पर किए गए हमलों के बाद, अमेरिकी सेना ने कई बार अपनी प्रतिक्रिया दी थी, लेकिन इस नई स्ट्राइक ने तनाव को नई ऊँचाई पर पहुँचाया।
ईरान की प्रतिक्रिया और स्थानीय प्रभाव
ईरान के राज्य मीडिया ने होर्मोज़गन प्रांत में कई विस्फोटों की सूचना दी, विशेषकर जसक, क़ेश्म, बँदर-अबास और सिरिक क्षेत्रों में। प्रांतीय जनसंपर्क कार्यालय ने कहा कि अब तक कोई नागरिक हताहत या बुनियादी ढांचे को नुकसान नहीं पहुँचा है, पर एक टेलीकॉम टावर को लक्षित किया गया था, जो पहले भी हमलों का शिकार रहा था। विदेश मंत्रालय ने इस हमले को “संयुक्त राष्ट्र चार्टर का गंभीर उल्लंघन” एवं “अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए खतरा” कहा।
अमेरिकी सैन्य का उद्देश्य और आगे की दिशा
सेंट्रल कमांड ने बताया कि उन्होंने लगभग 140 सैन्य ठिकानों को सटीक हथियारों से निशाना बनाया, जिसमें मिसाइल और ड्रोन सुविधाएँ, नौसैनिक क्षमताएँ, गोला-बारूद भंडारण और समुद्री निगरानी केंद्र शामिल थे। इस बीच, अमेरिकी विमानों ने एक ईरानी क्रूज़ मिसाइल और एक एक-मार्ग ड्रोन को नष्ट किया। अधिकारी यह स्पष्ट कर रहे हैं कि इन कार्रवाइयों का लक्ष्य समुद्री यातायात की स्वतंत्रता को सुरक्षित रखना और ईरान को फिर से समुद्री सुरक्षा को खतरे में डालने से रोकना है।
कूटनीति का पतन और संभावित परिणाम
ट्रम्प ने NBC के “मीट द प्रेस” में कहा कि ईरान के साथ चल रहे कूटनीतिक प्रयास विफल हो गए हैं, परंतु होर्मुज़ जलमार्ग अभी भी वाणिज्यिक जहाजों के लिए खुला है। इस संघर्ष के संभावित परिणामों में मध्य पूर्व में अस्थिरता, ऊर्जा कीमतों में उछाल और वैश्विक शिपिंग मार्गों पर व्यवधान शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब इस तनाव को कम करने के लिए दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है, परंतु दोनों पक्षों की प्रतिशोधी नीति स्थिति को और जटिल बना रही है।