संयुक्त राज्य ने राष्ट्रपति ट्रम्प के आदेश पर ईरान पर लगातार तीसरी रात हवाई बमबारी की, जबकि ईरान ने अमेरिकी जहाजों और कुवैत में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया। इस कदम से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में नौसैनिक नाकाबंदी फिर से लागू हुई और खाड़ी देशों में व्यापक संघर्ष की आशंका बढ़ी।

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मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • अमेरिका ने तीसरे लगातार रात ईरान पर हवाई हमले किए
  • ईरान ने अमेरिकी जहाजों, कुवैत के ठिकानों और होर्मुज के व्यापारिक मार्गों को लक्ष्य बनाया
  • US CENTCOM ने ईरानी बंदरगाहों पर समुद्री नाकाबंदी दोबारा लागू की, जिससे क्षेत्रीय तनाव बढ़ा

संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब तीसरे लगातार रात तक बढ़ा है। यू.एस. सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के निर्देशानुसार, अमेरिकी वायु बल ने 14 जुलाई को शाम 4:45 बजे (अमेरिकी समय) ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए। इन हमलों का मुख्य उद्देश्य ईरानी एयरोडिफेंस क्षमताओं को कमजोर करना और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों पर संभावित खतरे को घटाना था।

पिछला पृष्ठभूमि और रणनीतिक महत्व

होर्मुज विश्व ऊर्जा आपूर्ति की रीढ़ माना जाता है, जहाँ से मध्य पूर्व के अधिकांश तेल निर्यात होते हैं। इस जलमार्ग पर किसी भी प्रकार की बाधा वैश्विक तेल कीमतों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को प्रभावित कर सकती है। पिछले महीनों में ईरान और अमेरिका के बीच कई कूटनीतिक झड़पें हुईं, जिसमें ईरान ने अमेरिकी जहाजों को ‘गुन्हेगार’ घोषित किया और अमेरिकी नौसेना ने जलमार्ग में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई युद्धपोत तैनात किए।

ईरान की प्रतिक्रिया

ईरानी सरकारी मीडिया ने बताया कि दक्षिणी शहर बंदर अब्बास और किश द्वीप पर कई विस्फोट सुनाई दी। ईरान ने दावा किया कि उसने अमेरिकी नौसैनिक जहाज को क्रूज़ मिसाइलों से निशाना बनाया, साथ ही कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमले किए। तस्नीम न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, होर्मुज में नियम उल्लंघन करने वाले कई जहाजों को भी लक्षित किया गया।

अमेरिकी समुद्री नाकाबंदी का पुनः कार्यान्वयन

CENTCOM ने घोषणा की कि 14 जुलाई को शाम 4 बजे (अमेरिकी समय) से ईरानी बंदरगाहों में प्रवेश करने वाले सभी समुद्री यातायात पर फिर से नाकाबंदी लागू की जाएगी। यह कदम ट्रम्प के निर्देशों के तहत लिया गया है, जिससे अमेरिकी पोतों को ईरानी जलधाराओं में निगरानी और रोकथाम का अधिकार मिलेगा। पिछले नाकाबंदी अवधि (13 अप्रैल‑18 जून) में 140 से अधिक जहाजों का मार्ग बदल दिया गया था, नौ जहाज निष्क्रिय किए गए और 50 से अधिक मानवीय सहायता वाले वाणिज्यिक जहाजों को गुजरने की अनुमति मिली।

क्षेत्रीय और वैश्विक प्रभाव

हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के अब्हा हवाई अड्डे पर बैलिस्टिक मिसाइलों के प्रयोग की घोषणा के साथ, मध्य पूर्व में सुरक्षा माहौल अत्यधिक नाजुक हो गया है। इस संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतें फिर से बढ़ रही हैं, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता उत्पन्न हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नौसैनिक टकराव बड़े स्तर पर विकसित हुआ, तो यह अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्गों को बाधित कर सकता है और विश्व अर्थव्यवस्था पर गहरा असर डाल सकता है।