संयुक्त राज्य ने इरान के खिलाफ नई हवाई हमले किए और होर्मुज़ जलडमरूमध्य में ब्लॉकेड फिर से लागू किया। इस कदम के जवाब में ईरान ने बहरीन और दो यूएई‑संबंधित टैंकरों पर दावों को तेज किया, जिससे तेल बाजार में अस्थिरता बढ़ी।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • अमेरिका ने होर्मुज़ में ब्लॉकेड फिर से लागू किया और इरान पर नई हवाई हमले किए।
  • इरान ने बहरीन और दो यूएई‑संबंधित टैंकरों पर मिसाइल हमला किया, एक भारतीय नागरिक की मौत और कई घायल।
  • तेल की कीमतें बढ़ी, ब्रेंट केमिकल 7.8% बढ़कर $81.92 प्रति बैरल।

संयुक्त राज्य की सेना ने मंगलवार सुबह इरान के खिलाफ नई हवाई हमले शुरू किए, ठीक उसी समय राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा की कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य में ब्लॉकेड फिर से लागू किया जा रहा है। यह जलडमरूमध्य विश्व तेल आपूर्ति का लगभग एक‑पाँचवाँ हिस्सा ले जाता है, इसलिए इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की बाधा वैश्विक बाजार में तुरंत असर डालती है।

पृष्ठभूमि

होर्मुज़ जलडमरूमध्य में पहले से ही तनावपूर्ण स्थिति थी, जहाँ फरवरी 2024 में अमेरिकी और इज़रायली बलों ने इरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई की थी। अब ट्रम्प प्रशासन ने इस जलडमरूमध्य पर ‘टोल’ लगाने की नई नीति का संकेत दिया, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के उल्लंघन की संभावना बनती है। इस नीति में जहाज़ों से सुरक्षित पारगमन के लिए शुल्क वसूलने का प्रस्ताव है, जो पहले से ही मुक्त नेविगेशन की परंपरा को उलटता है।

इरान की प्रतिक्रिया

इरान ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए बहरीन पर मिसाइल अलार्म सक्रिय किया और दो यूएई‑संबंधित टैंकर – मोम्बासा और अल बहीया – पर क्रूज़ मिसाइलों का प्रहार किया। दोनों जहाज़ों में आग लग गई, लेकिन अंत में अग्निशामक दलों ने उन्हें नियंत्रित कर लिया। इस हमले में एक भारतीय नागरिक की मृत्यु और कुल आठ लोग, जिसमें छह भारतीय और दो यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं, घायल हुए। यूएई रक्षा मंत्रालय ने कहा कि वह इस उग्रता के खिलाफ सभी आवश्यक कदम उठाएगा।

भूराजनीतिक असर

इरान द्वारा बहरीन पर किए गए हमले ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया। बहरीन ने नागरिकों को आश्रय लेने का आदेश दिया, जबकि दुबई की आकाश में लड़ाकू जेट्स की आवाज़ें सुनी गईं। अब संयुक्त राज्य, इरान, बहरीन और यूएई सभी इस जलडमरूमध्य में एक-दूसरे के खिलाफ प्रतिशोधी कार्रवाई की स्थिति में हैं, जिससे न केवल सुरक्षा बल्कि ऊर्जा सुरक्षा भी खतरे में है।

तेल बाजार पर प्रभाव

इन घटनाओं के चलते बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत में 7.8% की तीव्र वृद्धि हुई, जिससे प्रति बैरल $81.92 तक पहुँच गया। यह कीमत युद्ध के चरम स्तर पर देखी गई $120 से कम है, लेकिन फिर भी वैश्विक तेल कीमतों में अस्थिरता का संकेत देती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ब्लॉकेड जारी रहा और अतिरिक्त टैंकरों को नुकसान पहुँचा, तो तेल की कीमतें फिर से तेज़ी से बढ़ सकती हैं।