27 वर्षीय मक्केना प्रासन्ना, जो 2022 से उच्च शिक्षा के लिये अमेरिका में रहे, न्यू जर्सी में कार दुर्घटना में मारी गई। उसके परिवार ने शीघ्रातिशीघ्र अंतिम संस्कार के लिये सरकार से मदद का अनुरोध किया।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • प्रासन्ना की मृत्यु न्यू जर्सी में हुई कार दुर्घटना में हुई।
  • परिवार ने एपी सरकार से शव को भारत वापसी के लिये त्वरित कार्रवाई की मांग की।
  • APNRTS और स्थानीय विधायक ने पुनर्वास प्रक्रिया में सहयोग का आश्वासन दिया।

27 वर्षीय मक्केना प्रासन्ना, जो आंध्र प्रदेश के पालनाडु जिले के वीनुकोंडा मंडल के उम्मडिवरम गांव की मूल निवासी हैं, न्यू जर्सी, यूएसए में हुए एक सड़क हादसे में क्षतिग्रस्त होकर मौके पर ही निधन हो गया। प्रासन्ना 2022 में अपने मास्टर डिग्री की पढ़ाई पूरी करने के बाद रोजगार खोजते हुए अमेरिका में रह रही थीं।

घटना की विस्तृत जानकारी

14 जुलाई को प्रासन्ना अपने तीन मित्रों के साथ एक कार में यात्रा कर रही थीं जब वाहन नियंत्रण खो बैठा और पेड़ से टकरा गया। कार के टकराने से प्रासन्ना का तुरंत निधन हो गया, जबकि अन्य तीन यात्रियों को हल्की से मध्यम चोटें आईं। स्थानीय पुलिस ने दुर्घटना का प्रारंभिक सर्वेक्षण किया और रिपोर्ट में बताया गया कि तेज गति और संभावित ड्राइविंग त्रुटि ने इस विनाशकारी टक्कर को जन्म दिया।

परिवार की प्रतिक्रिया और सरकारी सहायता

प्रासन्ना के माता-पिता, मक्केना वेंकटेश्वरलु और गोविंदम्मा, ने तत्काल एपी सरकार से अपील की है कि उनके पुत्री के शव को भारत लाने की प्रक्रिया को तेज किया जाए, ताकि उनके गांव में अंतिम संस्कार किया जा सके। आंध्र प्रदेश नॉन-रेसिडेंट तेलगु सोसाइटी (APNRTS) ने परिवार के प्रति शोक व्यक्त किया और सभी संभव सहायता प्रदान करने का वचन दिया। सोसाइटी ने कहा कि वह अमेरिकी अधिकारियों और स्थानीय समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ समन्वय करके पुनर्वास के कागजी कार्यों को शीघ्रता से पूरा करने में मदद कर रहा है।

राजनीतिक समर्थन

वीनुकोंडा विधायक जी. वी. अंजनय्युलु ने प्रासन्ना के पिता से फोन पर बात की, संवेदना व्यक्त की और आश्वासन दिया कि वे अमेरिकी अधिकारियों के साथ मिलकर शव को भारत वापसी की प्रक्रिया को तेज करेंगे। इस तरह की घटनाओं में विदेश में रहने वाले भारतीय विद्यार्थियों की सुरक्षा और उनके परिवारों की भावनात्मक चिंता पर विशेष ध्यान देना अनिवार्य हो गया है।

भविष्य की दिशा

यह दुखद घटना विदेश में पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए एक चेतावनी के रूप में सामने आई है। सुरक्षा नियमों का पालन, स्थानीय ट्रैफ़िक नियमों की जानकारी, और आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता को लेकर जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है। साथ ही, भारत सरकार को विदेश में रहने वाले नागरिकों के लिए त्वरित पुनर्वास प्रक्रियाओं को सरल बनाना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसे मामलों में परिवार को शीघ्र राहत मिल सके।