हैदराबाद में आयोजित BRICS श्रम और रोजगार मंत्रियों की बैठक ने सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास और डिजिटल रोजगार सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए एक संयुक्त घोषणा को मंजूरी दी। भारत की अध्यक्षता में दो दिवसीय सम्मेलन ने विकसित होती कार्यशक्ति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के नए आयाम स्थापित किए।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • BRICS ने सामाजिक सुरक्षा और कौशल विकास के लिए संयुक्त घोषणा अपनाई।
  • भारत ने 29 पुराने श्रम कानूनों को चार कोड में एकीकृत किया, जिससे कार्यकर्ता‑केंद्रित ढांचा तैयार हुआ।
  • ‘BRICS CONNECT’ पहल के तहत तकनीकी सहयोग और ज्ञान‑विनिमय को संस्थागत बनाया जाएगा।

हैदराबाद ने 15 जुलाई को BRICS श्रम और रोजगार मंत्रियों की दो‑दिनीय बैठक का मेज़बान बनने का गौरव प्राप्त किया, जिसमें सदस्य देशों ने सामाजिक सुरक्षा, श्रम बाजार सुधार, महिलाओं की कार्य‑शक्ति भागीदारी, कौशल विकास और डिजिटल रोजगार सेवाओं को सुदृढ़ करने हेतु एक संयुक्त घोषणा को अपनाया। यह बैठक भारत की BRICS अध्यक्षता 2026 के तहत ‘Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability’ थीम के अंतर्गत आयोजित की गई।

बैठक का प्रमुख उद्देश्य और सहभागियों की भूमिका

बैठक में सभी पाँच BRICS देशों के श्रम मंत्री, प्रतिनिधि दलों के प्रमुख, नियोक्ता एवं श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों ने भाग लिया। उन्होंने ‘काम का भविष्य’ से जुड़े चुनौतियों पर चर्चा की और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग को गहरा करने की दिशा में ठोस कदम उठाए।

भारत के श्रम सुधारों पर प्रकाश

संघीय श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मंडविया ने उद्घाटन भाषण में बताया कि भारत ने नवम्बर 2025 में 29 पुराने श्रम कानूनों को चार श्रम कोड में समेकित कर एक कार्यकर्ता‑केंद्रित कानूनी ढांचा तैयार किया है, जो 1.4 अरब जनसंख्या के लिए लाभकारी है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय श्रम गतिशीलता को मजबूत करने के लिए भारत में 2,100 से अधिक ग्लोबल क्षमता केंद्र (GCC) स्थापित करने और 2.35 मिलियन पेशेवरों को रोजगार देने की उपलब्धियों को उजागर किया।

तेलंगाना की पहल और भविष्य की दिशा

तेलंगाना के श्रम और रोजगार मंत्री विवेक वेंकटस्वामी ने सभी BRICS देशों को साझा समृद्धि, सम्मानजनक श्रम और समान अवसरों की ओर अग्रसर होने का आह्वान किया। उन्होंने तेलंगाना ओवरसीज मैनपावर कंपनी (TOMCOM) को पारदर्शी अंतरराष्ट्रीय श्रम गतिशीलता का मॉडल प्रस्तुत किया और सदस्य देशों के बीच सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान‑प्रदान को बढ़ावा दिया।

BRICS CONNECT और दीर्घकालिक प्रभाव

बैठक के प्रमुख परिणामों में से एक ‘BRICS CONNECT’ की शुरुआत रही, जो भारत के नेतृत्व में तकनीकी सहयोग, क्षमता निर्माण और ज्ञान‑विनिमय को संस्थागत बनाने का उद्देश्य रखती है। इस पहल से सदस्य देशों के श्रम बाजार में नवाचार, डिजिटल कौशल और सामाजिक सुरक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी, जिससे वैश्विक आर्थिक प्रणाली में विकासशील राष्ट्रों का योगदान बढ़ेगा।