यूटा के एक मॉल में हैदराबाद के सैयद सोहैलुद्दीन पर धार्मिक आधार पर जानलेवा हमला किया गया। हमले के बाद पीड़ित की हालत गंभीर है और परिवार ने भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • हैदराबाद के 37 वर्षीय सैयद सोहैलुद्दीन पर अमेरिका के यूटा में 15 बार चाकू से हमला किया गया।
  • आरोपी ने हमला करने से पहले पीड़ित की धार्मिक पहचान पूछी थी, जो इसे नफरत अपराध (Hate Crime) की ओर इशारा करता है।
  • पीड़ित की हालत गंभीर है और परिवार ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से आपातकालीन वीजा की मांग की है।

अमेरिका के यूटा (Utah) राज्य से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां हैदराबाद के एक भारतीय मूल के व्यक्ति पर धार्मिक आधार पर जानलेवा हमला किया गया है। 37 वर्षीय सैयद सोहैलुद्दीन, जो पिछले ढाई वर्षों से वेस्ट वैली सिटी के वैली फेयर मॉल में एक कियोस्क चला रहे थे, पर एक अज्ञात हमलावर ने ताबड़तोड़ 15 बार चाकू से वार किए। यह घटना न केवल एक हिंसक हमला है, बल्कि वैश्विक स्तर पर बढ़ते धार्मिक असहिष्णुता के खतरों को भी दर्शाती है।

घटना का विवरण और आरोपी की गिरफ्तारी

रिपोर्ट्स के अनुसार, हमले के दौरान हमलावर ने सोहैलुद्दीन से पहले यह पूछा कि क्या वह मुस्लिम है। इस बात ने इस हमले को स्पष्ट रूप से एक 'हेट क्राइम' (Hate Crime) की श्रेणी में खड़ा कर दिया है। गनीमत रही कि मॉल में मौजूद कुछ राहगीरों ने साहस दिखाया और हमलावर से चाकू छीनकर उसे पुलिस के आने तक काबू में रखा। पुलिस ने आरोपी की पहचान 48 वर्षीय पीटर माइकल लार्सन के रूप में की है। बताया जा रहा है कि आरोपी ने पुलिस के सामने स्वीकार किया कि उसने सोहैलुद्दीन को उसकी धार्मिक पहचान के कारण जान से मारने के इरादे से निशाना बनाया था।

परिवार की पुकार और कूटनीतिक हस्तक्षेप की मांग

इस घटना ने हैदराबाद के तोली चौकी इलाके में रहने वाले सोहैलुद्दीन के परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। सोहैलुद्दीन की पत्नी, अमरीन फिरदौस, इस खबर को सुनकर बेहोश हो गईं। उनके दो छोटे बच्चे हैं, जिनकी उम्र महज 3 और 5 वर्ष है। परिवार अब भारत सरकार और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से गुहार लगा रहा है कि वे अमेरिकी अधिकारियों से बात करें और परिवार के सदस्यों को तत्काल आपातकालीन मानवीय वीजा (Emergency Humanitarian Visa) दिलाने में मदद करें ताकि वे अपने संकट में फंसे सदस्य के पास पहुंच सकें।

राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया

मजलिस बचाओ तहरीक (MBT) के प्रवक्ता अमजेद उल्लाह खान ने भी इस मामले में सक्रियता दिखाई है और विदेश मंत्री को पत्र लिखकर भारतीय दूतावास से पीड़ित को तत्काल सहायता प्रदान करने और अमेरिकी दूतावास के माध्यम से वीज़ा प्रक्रिया को तेज करने का आग्रह किया है। सोशल मीडिया पर इस घटना के वीडियो वायरल होने के बाद से दुनिया भर में सुरक्षा और धार्मिक भेदभाव को लेकर बहस छिड़ गई है।