संयुक्त राज्य सरकार ने F, J और I वीज़ा की अवधि को सीमित कर दिया है, जिससे भारतीय छात्र, पत्रकार और सांस्कृतिक विनिमय आगंतुकों को अधिक कठोर नियमों का सामना करना पड़ेगा। नई नियामक दिशा‑निर्देशों के तहत छात्र वीज़ा अधिकतम चार साल तक रहेगा, जबकि पत्रकार वीज़ा 240 दिन (चीनियों के लिए 90 दिन) तक सीमित किया गया है। यह बदलाव अमेरिकी आव्रजन नीति में एक नई कड़ी को दर्शाता है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- विद्यार्थी वीज़ा की अवधि अब अधिकतम चार साल
- पत्रकार वीज़ा 240 दिन (चीनियों के लिए 90 दिन)
- ग्रेजुएट छात्रों को शैक्षिक लक्ष्य बदलने या बिना अनुमति स्कूल बदलने पर प्रतिबंध
संयुक्त राज्य की डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) ने एक नई अंतिम नियमावली जारी की है, जिसमें F‑वीज़ा (विद्यार्थी), J‑वीज़ा (संस्कृतिक विनिमय) और I‑वीज़ा (मीडिया) की अवधि को निश्चित किया गया है। इस नियम के अनुसार, इन वीज़ा की अधिकतम अवधि अब चार साल से अधिक नहीं होगी, जबकि पत्रकार वीज़ा अधिकतम 240 दिन तक सीमित किया गया है; चीन के नागरिकों के लिए यह अवधि केवल 90 दिन रखी गई है।
पृष्ठभूमि
पिछले कुछ वर्षों में, भारत से संयुक्त राज्य में उच्च शिक्षा के लिए आने वाले छात्रों की संख्या लगातार बढ़ती रही है। जनवरी 2025 तक लगभग 3 लाख भारतीय छात्र अमेरिकी संस्थानों में पढ़ रहे थे, जिनमें अधिकांश STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अभियांत्रिकी, गणित) क्षेत्र के ग्रेजुएट कोर्स कर रहे थे। 2024 में, केवल 90,129 भारतीयों को F‑वीज़ा, 15,208 को J‑वीज़ा और 426 को I‑वीज़ा जारी किया गया था।
नयी नीति के मुख्य बिंदु
नियमावली के प्रमुख परिवर्तन इस प्रकार हैं:
- विद्यार्थी वीज़ा की अवधि अब अधिकतम चार साल, जिससे कई लंबे‑अवधि शोध एवं PhD प्रोग्राम प्रभावित हो सकते हैं।
- पत्रकार वीज़ा 240 दिन तक सीमित, जबकि पहले यह कई वर्षों तक वैध था।
- ग्रेजुएट छात्रों को अपने शैक्षिक उद्देश्यों में परिवर्तन करने या बिना अनुमति दूसरे संस्थान में स्थानांतरण करने से रोक दिया गया है।
- डिग्री या प्रशिक्षण समाप्त होने पर अब छात्रों को 30 दिनों के भीतर देश छोड़ना होगा, जो पहले 60 दिनों की अनुमति देता था।
प्रभाव और प्रतिक्रिया
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से सबसे कठोर कदमों में से एक यह नीति मानी जा रही है। इस बदलाव से भारतीय छात्रों की अमेरिकी विश्वविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, विशेषकर उन छात्रों के लिए जो चार साल से अधिक समय तक अनुसंधान करने की योजना बनाते हैं। पत्रकारों के लिए इस सीमा का अर्थ है कि कई भारतीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थाएँ अपनी रिपोर्टिंग टीमों को पुनः वीज़ा प्रक्रिया से गुजरने के लिए बाध्य होंगी।
भविष्य की संभावनाएँ
नियमावली का प्रभाव 60 दिनों बाद लागू होगा, परन्तु इसे कांग्रेस द्वारा समीक्षा के अधीन रखा गया है। यदि कांग्रेस इस नियम में संशोधन या स्थगन नहीं करती, तो यह नई सीमा कम से कम अगले पाँच वर्षों तक बनी रह सकती है। इस दौरान, अमेरिकी संस्थानों को भारतीय छात्रों की कमी को पूरा करने के लिए वैकल्पिक रणनीतियों—जैसे ऑनलाइन पाठ्यक्रम या द्विपक्षीय शिक्षा समझौते—पर विचार करना पड़ सकता है।