पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने लाल सागर में सऊदी तेल टैंकरों पर हौथी विद्रोहियों के हमले की तीव्र निंदा की और सऊदी अरब के साथ अपने समर्थन की पुष्टि की। उन्होंने क्षेत्रीय शांति और अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के महत्व पर ज़ोर दिया।

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मुख्य बिंदु

  • शरिफ़ ने हौथी हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन कहा
  • पाकिस्तान सऊदी अरब के साथ अपना समर्थन दोहराया
  • क्षेत्रीय शांति और समुद्री व्यापार की सुरक्षा पर बल दिया गया

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने 23 जुलाई को लाल सागर में सऊदी तेल टैंकरों पर हौथी विद्रोहियों के हमले को "अंतरराष्ट्रीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन" और "क्षेत्रीय शांति के लिए गंभीर खतरा" कहा। उन्होंने इस हमले की निंदा में कड़ी भाषा का प्रयोग किया और तुरंत सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान को फोन करके अपने समर्थन की पुष्टि की।

हौथी समूह, जो ईरान के समर्थन से यमन में सक्रिय है, ने हाल ही में सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी की घोषणा की थी। उनका दावा था कि सऊदी ने यमन के उनके नियंत्रण वाले बंदरगाहों और हवाई अड्डों पर प्रतिबंध लगाया है, इसलिए वे सऊदी जहाजों को रोकेंगे। इस संदर्भ में बाब अल‑मंदेब में दो सऊदी तेल टैंकरों पर हमले की घटना ने क्षेत्रीय तनाव को बढ़ा दिया।

शरिफ़ ने कहा कि इस तरह की हरकतें "पूरी तरह से अमान्य" हैं और अंतरराष्ट्रीय समुद्री शिपिंग की स्वतंत्रता को खतरा पहुँचाती हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पाकिस्तान का सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर और पूरी पाकिस्तान इस नाजुक समय में सऊदी नेतृत्व और वहाँ के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा।

इतिहासिक पृष्ठभूमि

हौथी आंदोलन 2004 में शुरू हुआ और यमन में सऊदी‑समर्थित सरकार के विरुद्ध संघर्ष में बदल गया। इरान का इस आंदोलन के साथ घनिष्ठ संबंध है, जिसके कारण अक्सर मध्य‑पूर्व में सऊदी‑इरानी तनाव बढ़ता रहा है। पिछले वर्षों में लाल सागर में कई बार हौथी‑संबंधित समुद्री हमले हुए हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर असर पड़ा है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia analysis shows that पाकिस्तान का सऊदी अरब के साथ स्पष्ट समर्थन क्षेत्रीय गठबंधनों को पुनर्स्थापित कर सकता है और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लाइनों की सुरक्षा को सुनिश्चित कर सकता है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में स्थिरता बनी रहेगी।

"हौथी द्वारा समुद्री हमले न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा को चुनौती देते हैं, बल्कि वैश्विक तेल कीमतों को भी अस्थिर कर सकते हैं," एक अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञ ने कहा।
क्या आप जानते हैं?: लाल सागर के समुद्री मार्ग पर वार्षिक तेल परिवहन का 20% से अधिक हिस्सा होता है, जो इसे विश्व के सबसे व्यस्त जलमार्गों में से एक बनाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: क्या पाकिस्तान ने सऊदी अरब को कोई सैन्य मदद का वादा किया है?
उत्तर: प्रधानमंत्री ने केवल राजनीतिक समर्थन और समुद्री सुरक्षा में सहयोग का आश्वासन दिया है, कोई प्रत्यक्ष सैन्य सहायता का उल्लेख नहीं किया गया।

प्रश्न 2: इस हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया क्या रही है?
उत्तर: कई देशों ने इस हमले की निंदा की है और समुद्री शिपिंग की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए संयुक्त बयान जारी किए हैं।