हौथी ने लाल सागर में सऊदी तेल टैंकरों पर हमला किया, जिससे बाब‑एल‑मंदेब जलमार्ग बंद होने का खतरा पैदा हुआ। यह मुख्य मार्ग भारत के 50% से अधिक कच्चे तेल आयात को प्रभावित कर सकता है।

मुख्य बिंदु

  • हौथी ने दो सऊदी टैंकरों पर मिसाइल और ड्रोन हमला किया
  • बाब‑एल‑मंदेब जलमार्ग के संभावित बंद होने से भारत की तेल आयात पर असर
  • इरान के समर्थन से हौथी की क्षमताएँ बढ़ी हैं

हौथी का हमला और तुरंत प्रतिक्रिया

23 जुलाई को, हौथी समूह ने लाल समुद्र में दो सऊदी तेल टैंकर Encelia और Layla पर ड्रोन व मिसाइल हमले किए, जैसा कि उनके आधिकारिक चैनल अल‑मसिरह ने बताया। सऊदी प्रेस एजेंसी ने Encelia पर वास्तविक क्षति की पुष्टि की, जबकि Layla की पुष्टि अभी भी अनिश्चित है।

इतिहासिक पृष्ठभूमि

हौथी समूह, इरान‑समर्थित एक मिलिशिया, 2015 से लाल समुद्र में सऊदी नौवहन पर प्रतिबंध लागू करने की कोशिश कर रहा है। इरान ने इस क्षेत्र में अपने प्रभाव को बढ़ाने के लिए हौथी को मिसाइल व ड्रोन तकनीक प्रदान की है, जिससे उनका खतरा वैश्विक तेल व्यापार में बढ़ा है।

बाब‑एल‑मंदेब का महत्व

बाब‑एल‑मंदेब, हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य के बाद दूसरा प्रमुख तेल मार्ग है, जिससे एशिया के देशों को मध्य पूर्वी तेल पहुँचता है। यदि इस जलमार्ग को बंद किया गया तो तेल की कीमतें और भारत की आयात लागत दोनों पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that India imports over 5 million barrels of crude daily, with more than half transiting through बाब‑एल‑मंदेब. Any disruption amplifies price volatility and forces India to seek longer, costlier routes via सुएज़ नहर या केप ऑफ़ गुड हॉप।

"हौथी का यह कदम न केवल सऊदी को बल्कि भारत को भी आर्थिक रूप से प्रभावित करेगा," कहते हैं ऊर्जा विशेषज्ञ डॉ. अनीता रॉय।
क्या आप जानते हैं?: इरान ने 2024 में हौथी को नवीनतम “फिसलन‑पर‑आधारित” मिसाइल प्रणाली प्रदान की, जिससे समुद्री लक्ष्य पर सटीकता बढ़ी।

Frequently Asked Questions

हौथी के हमले से भारत के तेल आयात पर क्या असर पड़ेगा? यदि बाब‑एल‑मंदेब बंद हो जाता है, तो भारत को वैकल्पिक मार्ग अपनाने पड़ेंगे, जिससे लागत और कीमत दोनों बढ़ेंगे।

क्या हौथी ने रूसी या चीनी जहाज़ों को सुरक्षित passage दिया है? हाँ, पहले हौथी ने रूसी व चीनी टैंकरों को सुरक्षित पारगमन की गारंटी दी है, लेकिन यह नीति बदल सकती है।