कीव में भारतीय दूतावास यूक्रेन के चर्नोमोर्स्क बंदरगाह पर खड़े मर्चेंट वेसल MV AMIR1 की स्थिति पर पैनी नजर रख रहा है, जहां 13 भारतीय नाविक लगातार ड्रोन और मिसाइल हमलों के खतरे का सामना कर रहे हैं।
मुख्य बातें
- कीव में भारतीय दूतावास यूक्रेन के चर्नोमोर्स्क बंदरगाह पर सक्रिय ड्रोन और मिसाइल खतरों के कारण MV AMIR1 की निगरानी कर रहा है।
- जहाज पर कुल 15 चालक दल के सदस्य हैं, जिनमें से 13 भारतीय नागरिक हैं जो तत्काल सुरक्षित निकासी की मांग कर रहे हैं।
- यह संकट 25 जुलाई को ओडेसा में MV AGN Ragnar पर हुए हमले के बाद आया है, जिसमें दो भारतीय नाविक लापता हो गए थे।
यूक्रेन में भारतीय दूतावास ने बुधवार को कहा कि वह यूक्रेन के ब्लैक सी तट के पास 13 भारतीय नाविकों को ले जा रहे एक मर्चेंट वेसल MV AMIR1 से जुड़ी स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहा है। यह कदम उन रिपोर्टों के बाद उठाया गया है जिनमें कहा गया था कि जहाज को लगातार ड्रोन और मिसाइल हमलों के खतरों का सामना करना पड़ रहा है। दूतावास ने कहा कि वह भारतीय चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है।
यह घटनाक्रम एक अन्य मर्चेंट वेसल MV AGN Ragnar पर 25 जुलाई को यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह पर हुए हमले के कुछ दिनों बाद आया है। उस जहाज पर चार भारतीय सवार थे, जिनमें से दो नाविक अभी भी लापता हैं। भारत सरकार लापता नाविकों की तलाश के लिए यूक्रेनी अधिकारियों के साथ लगातार तालमेल बिठा रही है।
फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया ने सरकार और अन्य अधिकारियों से चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें तुरंत वहां से निकालने की अपील की है। यूनियन के अनुसार, MV AMIR1 यूक्रेन के चर्नोमोर्स्क बंदरगाह पर खड़ा है और इसके आसपास के क्षेत्र में बार-बार हो रहे हमलों के कारण चालक दल के सदस्य लगातार डर के साए में जी रहे हैं।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि ब्लैक सी तेजी से एक उच्च जोखिम वाला सैन्य क्षेत्र बनता जा रहा है जहां वाणिज्यिक शिपिंग लाइनें और निर्दोष नागरिक नाविक भू-राजनीतिक संघर्षों की चपेट में आ रहे हैं। वैश्विक व्यापार के लिए मर्चेंट जहाजों की सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है, और उन्हें निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों का गंभीर उल्लंघन है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत वाणिज्यिक जहाजों और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्ध है और इस मुद्दे का समाधान केवल कूटनीति के माध्यम से ही संभव है।
"वाणिज्यिक शिपिंग, नाविकों और नागरिक बुनियादी ढांचे को किसी भी परिस्थिति में निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए; कूटनीति ही आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है।" - रणधीर जायसवाल, विदेश मंत्रालय प्रवक्ता
| जहाज का नाम | स्थान | भारतीय चालक दल | वर्तमान स्थिति / घटना |
|---|---|---|---|
| MV AMIR1 | चर्नोमोर्स्क पोर्ट, यूक्रेन | 13 नाविक | सक्रिय ड्रोन और मिसाइल खतरे; दूतावास की निगरानी जारी। |
| MV AGN Ragnar | ओडेसा पोर्ट, यूक्रेन | 4 नाविक | 25 जुलाई को हमला हुआ; 2 भारतीय नाविक वर्तमान में लापता। |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: MV AMIR1 पर मौजूद चालक दल की वर्तमान स्थिति क्या है?
उत्तर: चालक दल वर्तमान में चर्नोमोर्स्क बंदरगाह पर है और आसपास के क्षेत्र में सक्रिय ड्रोन हमलों का सामना कर रहा है, जिससे उनकी तत्काल निकासी की मांग की जा रही है।
प्रश्न 2: भारत सरकार इस संकट पर क्या कदम उठा रही है?
उत्तर: कीव में भारतीय दूतावास चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है और लापता नाविकों की तलाश तेज कर दी गई है।