संघीय न्यायालय ने 5-4 बहुमत से डोनाल्ड ट्रम्प के लिसा कुक को हटाने के प्रयास को अस्वीकार किया, जिससे फेडरल रिज़र्व की स्वतंत्रता बनी रही। यह 1913 में स्थापित केंद्रिय बैंक के इतिहास में पहली बार राष्ट्रपति द्वारा आधिकारिक हटाने को रोकता है।
मुख्य बिंदु
- सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प की लिसा कुक को हटाने की कोशिश को 5-4 से खारिज किया।
- फेडरल रिज़र्व की स्वतंत्रता को संविधानिक सुरक्षा मिली।
- निर्णय भविष्य में राष्ट्रपति के अधिकारों को सीमित करता है।
न्यायालय का निर्णय
संयुक्त राज्य सुप्रीम कोर्ट ने 29 जून 2026 को डोनाल्ड ट्रम्प के राष्ट्रपति पद पर रहते हुए फेडरल रिज़र्व गवर्नर लिसा कुक को हटाने के प्रयास को अस्वीकार किया। कॉन्ज़र्वेटिव जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स ने लिखित राय में कहा कि ट्रम्प ने कुक को वह प्रक्रिया‑सुरक्षा नहीं दी जिसके वह क़ानून द्वारा हक़दार थी।
फेडरल रिज़र्व के गवर्नर 14‑साल के क्रमबद्ध कार्यकाल पर सेवा करते हैं और केवल "कारण" के आधार पर ही हटाए जा सकते हैं, जैसा कि 1913 के फेडरल रिज़र्व एक्ट में स्पष्ट किया गया है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
फेडरल रिज़र्व एक्ट, 1913 ने केंद्रीय बैंक को राजनीतिक हस्तक्षेप से बचाने के लिए विशेष प्रावधान शामिल किए। इस कानून के तहत, गवर्नर को राष्ट्रपति की इच्छा से नहीं, बल्कि "कारण" से हटाया जा सकता है, लेकिन "कारण" की परिभाषा स्पष्ट नहीं है। यह सिद्धांत तब से फेड की स्वतंत्रता का मूल स्तंभ रहा है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि इस निर्णय से वैश्विक वित्तीय स्थिरता को समर्थन मिलता है, क्योंकि फेडरल रिज़र्व की नीति‑निर्धारण अब भी राजनीतिक दबाव से मुक्त रहती है, जिससे बाजारों में भरोसा बना रहता है।
"राष्ट्रपतियों की शक्ति को सीमित करने वाला यह फैसला अमेरिकी लोकतंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है," कहते हैं प्रोफेसर अजय सिंह, संविधानिक कानून विशेषज्ञ।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: राष्ट्रपति को फेडरल रिज़र्व गवर्नर को हटाने की क्या अधिकार है?
उत्तर: केवल "कारण" के आधार पर, और कोर्ट द्वारा निर्धारित प्रक्रिया‑सुरक्षा के साथ।
प्रश्न 2: इस निर्णय का भविष्य में फेड पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर: यह भविष्य में किसी भी राष्ट्रपति द्वारा फेड को राजनीतिक रूप से प्रभावित करने की कोशिश को रोकता है।