राजनयिक जेफरी फेल्टमैन और माइकल रैटनी ने खुलासा किया है कि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपनी व्हाइट हाउस बैठक को जानबूझकर लो-प्रोफाइल रखा। यह रणनीतिक कदम अमेरिका और इजरायल के बीच बदलते और जटिल होते राजनीतिक समीकरणों को दर्शाता है।

मुख्य बिंदु

  • नेतन्याहू ने राजनीतिक नुकसान से बचने के लिए ट्रंप के साथ हाई-प्रोफाइल "जेलेंस्की जैसी" बैठक से परहेज किया।
  • राजनयिक जेफरी फेल्टमैन और माइकल रैटनी के अनुसार, ट्रंप और नेतन्याहू के बीच संबंध अब पहले जैसे सरल नहीं रहे।
  • लो-प्रोफाइल दृष्टिकोण का उद्देश्य अमेरिकी राजनीति में द्विदलीय (bipartisan) समर्थन को बनाए रखना है।

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की हालिया अमेरिकी यात्रा और डोनाल्ड ट्रंप के साथ उनकी बैठक ने वैश्विक स्तर पर कई सवाल खड़े किए हैं। अल जजीरा के शो 'दिस इज अमेरिका' में अनुभवी राजनयिकों जेफरी फेल्टमैन और माइकल रैटनी ने इस बात का विश्लेषण किया है कि नेतन्याहू ने क्यों इस मुलाकात को बेहद शांत और लो-प्रोफाइल रखा। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के विपरीत, जो अक्सर अमेरिकी दौरों पर बड़े नाटकीय और हाई-प्रोफाइल मंच साझा करते हैं, नेतन्याहू ने एक अलग रास्ता चुना।

ट्रंप के साथ कोई भी बड़ा सार्वजनिक प्रदर्शन वर्तमान बाइडेन प्रशासन और डेमोक्रेटिक पार्टी को नाराज कर सकता था, जिसकी इजरायल को अभी सैन्य और कूटनीतिक रूप से सख्त जरूरत है। नेतन्याहू एक अनुभवी राजनीतिक खिलाड़ी हैं और वे जानते हैं कि अमेरिकी राजनीति के इस संवेदनशील दौर में किसी एक पक्ष की ओर झुकाव दिखाना कितना भारी पड़ सकता है।

पहलूजेलेंस्की का दृष्टिकोणनेतन्याहू का दृष्टिकोण
प्रचार शैलीहाई-प्रोफाइल, नाटकीय और भावनात्मक सार्वजनिक अपील।लो-प्रोफाइल, नपा-तुला और कड़ाई से राजनयिक।
अमेरिकी राजनीतिक संरेखणसार्वजनिक और द्विदलीय भावनात्मक प्रभाव पर निर्भर।डेमोक्रेट और रिपब्लिकन दोनों के साथ संबंधों को सावधानीपूर्वक संतुलित करना।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

बोझोकमीडिया (BozokMedia) के विश्लेषण से पता चलता है कि नेतन्याहू की यह दूरी एक सोची-समझी कूटनीतिक चाल है। इजरायल इस समय बहुआयामी सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है, और उसे अमेरिका के दोनों राजनीतिक दलों के निरंतर समर्थन की आवश्यकता है। ट्रंप के साथ अत्यधिक निकटता प्रदर्शित करने से डेमोक्रेटिक पार्टी के भीतर इजरायल-विरोधी सुर और तेज हो सकते थे।

"नेतन्याहू अमेरिकी राजनीति के दोनों धड़ों को संतुलित करने की कोशिश कर रहे हैं, जहां ट्रंप के साथ संबंध बनाए रखना भी जरूरी है और डेमोक्रेट्स को नाराज न करना भी।" - वरिष्ठ विदेश नीति विशेषज्ञ।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

2021 में ट्रंप के राष्ट्रपति पद से हटने के बाद से दोनों नेताओं के बीच संबंध उतार-चढ़ाव भरे रहे हैं। ट्रंप ने अतीत में नेतन्याहू की इस बात के लिए आलोचना की थी कि उन्होंने जो बाइडेन को राष्ट्रपति बनने पर बधाई दी थी। हालांकि, दोनों ही नेता जानते हैं कि भविष्य के राजनीतिक परिदृश्य में उन्हें एक-दूसरे की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए, यह मुलाकात कूटनीतिक संतुलन बनाने की एक कोशिश थी, न कि केवल एक फोटो-अप।

क्या आप जानते हैं?: बेंजामिन नेतन्याहू इजरायल के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले प्रधानमंत्री हैं, और उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान पांच अलग-अलग अमेरिकी राष्ट्रपतियों के साथ काम किया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: नेतन्याहू ने ट्रंप के साथ हाई-प्रोफाइल बैठक से परहेज क्यों किया?
उत्तर: नेतन्याहू वर्तमान बाइडेन प्रशासन और डेमोक्रेटिक पार्टी को नाराज नहीं करना चाहते थे, क्योंकि इजरायल को वर्तमान में अमेरिकी सैन्य और कूटनीतिक सहायता की सख्त आवश्यकता है।

प्रश्न 2: 'जेलेंस्की पल' से क्या तात्पर्य है?
उत्तर: 'जेलेंस्की पल' का तात्पर्य उस हाई-प्रोफाइल, नाटकीय और अत्यधिक प्रचारित अमेरिकी दौरे से है, जैसा यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की अमेरिकी कांग्रेस और मीडिया के सामने करते हैं।