निकारागुआ के 80 वर्षीय राष्ट्रपति डैनियल ऑर्टेगा ने अपने कार्यकाल को एक वर्ष और बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है, जिससे देश में सत्ता के केंद्रीकरण की चिंता बढ़ गई है।

मुख्य बातें

  • राष्ट्रपति डैनियल ऑर्टेगा ने कार्यकाल में एक साल की वृद्धि का प्रस्ताव दिया है।
  • संशोधित संविधान में विपक्ष के सदस्यों को चुनाव लड़ने से रोकने का प्रावधान भी शामिल है।
  • सरकार समर्थित नेशनल असेंबली से सितंबर में इस प्रस्ताव के पास होने की उम्मीद है।
  • ऑर्टेगा 2007 से सत्ता में हैं और उनके शासन को अत्यधिक सत्तावादी माना जा रहा है।

निकारागुआ के राष्ट्रपति डैनियल ऑर्टेगा, जो 2007 से सत्ता में बने हुए हैं, ने अपने राष्ट्रपति कार्यकाल को एक और वर्ष बढ़ाने का एक विवादास्पद प्रस्ताव पेश किया है। सरकार के नियंत्रण वाली नेशनल असेंबली से सितंबर में इस विस्तार को मंजूरी मिलने की पूरी संभावना है।

यह कदम एक व्यापक संवैधानिक सुधार का हिस्सा है। इस प्रस्तावित सुधार में उन विपक्षी नेताओं को चुनाव लड़ने से रोकने की योजना भी शामिल है, जिन्हें सरकार 'गद्दार' या 'तख्तापलट करने की साजिश रचने वाला' मानती है। ऑर्टेगा का 19 साल का शासन लगातार अधिक निरंकुश होता जा रहा है, जिसमें राजनीतिक विरोधियों को जेल में डाल दिया जाता है, निर्वासित कर दिया जाता है या उनकी नागरिकता छीन ली जाती है।

सत्ता का बदलता स्वरूप

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि ऑर्टेगा का शासन केवल कार्यकाल बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सत्ता को अपने परिवार तक सुरक्षित करने की एक सोची-समझी रणनीति है। 2024 में ही कार्यकाल को पांच से बढ़ाकर छह वर्ष कर दिया गया था। इसके अलावा, उनकी पत्नी रोसारियो मुरिलो को 'सह-राष्ट्रपति' बनाने का मार्ग भी प्रशस्त किया जा चुका है, ताकि ऑर्टेगा की अनुपस्थिति में सत्ता का हस्तांतरण सुचारू रूप से हो सके।

निरंकुश शासन में कानून का उपयोग केवल सत्ता को बनाए रखने और विपक्ष को कुचलने के हथियार के रूप में किया जाता है।

2021 के चुनावों के दौरान भी विपक्ष पर भारी दमन देखा गया था। संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने चेतावनी दी है कि निकारागुआ में कानून के शासन का लगातार क्षरण हो रहा है और राजनीतिक असंतुष्टों का उत्पीड़न बढ़ रहा है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

निकारागुआ में ऑर्टेगा के शासनकाल के दौरान कई बार संवैधानिक बदलाव किए गए हैं। 2014 में, नेशनल असेंबली ने राष्ट्रपति कार्यकाल की सीमा को समाप्त कर दिया था, जिससे उनके लंबे समय तक सत्ता में रहने का रास्ता साफ हुआ।

क्या आप जानते हैं?: 2018 के विरोध प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा की गई कार्रवाई में 300 से अधिक लोग मारे गए थे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: ऑर्टेगा के कार्यकाल विस्तार का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका उद्देश्य सत्ता पर नियंत्रण बनाए रखना और विपक्ष को राजनीतिक रूप से कमजोर करना है।

प्रश्न 2: रोसारियो मुरिलो की क्या भूमिका है?
उत्तर: उन्हें 'सह-राष्ट्रपति' के रूप में नामित किया गया है ताकि ऑर्टेगा के बाद सत्ता उनके हाथ में रहे।