अमेरिका पर निर्भरता कम करने के लिए इजरायल अब अपना खुद का स्टील्थ फाइटर जेट और बिना पायलट वाले कॉम्बैट एयरक्राफ्ट विकसित करने की योजना बना रहा है। ट्रंप के तुर्की को F-35 देने की संभावनाओं के बीच इजरायल का यह कदम रक्षा क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकता है।
मुख्य बातें
- इजरायल अगले 10 वर्षों में अपना स्टील्थ फाइटर जेट विकसित करने का लक्ष्य रख रहा है।
- बिना पायलट वाले कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (UCAV) पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
- यह निर्णय अमेरिका से रक्षा आपूर्ति पर बढ़ती अनिश्चितता के बीच लिया गया है।
- इजरायल ने भारत के 'आत्मनिर्भरता' मॉडल से प्रेरणा लेने की बात कही है।
तेल अवीव: इजरायल ने रक्षा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए अपने स्वयं के स्टील्थ लड़ाकू विमान (Stealth Fighter Aircraft) बनाने का संकल्प लिया है। इस रणनीतिक बदलाव का मुख्य उद्देश्य अमेरिकी हथियारों और सैन्य सहायता पर अपनी निर्भरता को कम करना है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पहले ही संकेत दिए थे कि देश को भारत के 'आत्मनिर्भरता अभियान' से सीख लेनी चाहिए, और अब यह योजना धरातल पर उतरती दिख रही है।
इजरायल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने वॉशिंगटन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान स्पष्ट किया कि अगले एक दशक के भीतर देश न केवल उन्नत स्टील्थ फाइटर जेट, बल्कि अत्याधुनिक बिना पायलट वाले कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (UCAV) भी विकसित कर लेगा। अधिकारी के अनुसार, यदि भविष्य में मित्र राष्ट्रों द्वारा सैन्य प्रणालियों की आपूर्ति रोक दी जाती है, तो इजरायल के पास अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्वदेशी तकनीक होनी चाहिए।
क्यों महत्वपूर्ण है यह कदम?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इजरायल का यह फैसला वैश्विक भू-राजनीति में एक बड़ा बदलाव है। अमेरिका में इजरायल को दी जाने वाली सैन्य मदद रोकने की मांग बढ़ रही है, जिससे इजरायल की सुरक्षा रणनीति पर संकट मंडरा रहा है। इसके अतिरिक्त, डोनाल्ड ट्रंप द्वारा तुर्की को F-35 स्टील्थ जेट देने की संभावित तैयारी ने इजरायल की चिंताओं को और बढ़ा दिया है, क्योंकि तुर्की के पास ये तकनीक होने से इजरायल के लिए क्षेत्रीय खतरा बढ़ सकता है।
इजरायल का स्वदेशी रक्षा कार्यक्रम केवल तकनीक नहीं, बल्कि उसकी राष्ट्रीय संप्रभुता को सुरक्षित करने का एक अनिवार्य कवच है।
इजरायल द्वारा विकसित किए जाने वाले UCAV (Unmanned Combat Aerial Vehicles) साधारण ड्रोन से कहीं अधिक उन्नत होंगे। ये आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लैस होंगे और पायलट वाले विमानों के साथ मिलकर 'फोर्स मल्टीप्लायर' के रूप में काम करेंगे। ये विमान खुफिया जानकारी जुटाने, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सीधे युद्ध जैसे जटिल मिशनों को अंजाम देने में सक्षम होंगे।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
इजरायल दशकों से अमेरिकी रक्षा तकनीक पर निर्भर रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में अमेरिकी सीनेट में इजरायल को हथियार पैकेज देने के खिलाफ वोटिंग जैसे घटनाक्रमों ने इस निर्भरता को जोखिम भरा बना दिया है।
Frequently Asked Questions
1. इजरायल अपना फाइटर जेट क्यों बना रहा है?
मुख्य रूप से अमेरिका पर अपनी रक्षा निर्भरता कम करने और भविष्य में आपूर्ति रुकने की स्थिति से निपटने के लिए।
2. UCAV क्या है?
यह एक बिना पायलट वाला कॉम्बैट एयरक्राफ्ट है जो AI की मदद से जटिल युद्ध मिशन पूरे कर सकता है।