मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स वॉच (HRW) ने दावा किया है कि माली के मध्य क्षेत्र में रूसी 'अफ्रीका कॉर्प्स' के हवाई हमले में आठ निर्दोष नागरिकों की जान चली गई। इस घटना ने माली में रूसी सेना की बढ़ती भूमिका और संभावित युद्ध अपराधों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मुख्य बातें

  • माली के मोप्टी क्षेत्र के किरनिया गाँव में रूसी सुखोई Su-24 विमान द्वारा हमला किया गया।
  • इस हमले में तीन बच्चों सहित कुल आठ नागरिकों की मृत्यु हुई।
  • मानवाधिकार समूह का कहना है कि हमले का कोई स्पष्ट सैन्य लक्ष्य नहीं था।
  • यह घटना माली में रूसी सेना की बढ़ती निर्भरता और सुरक्षा रणनीति पर सवाल उठाती है।

मानवाधिकार संगठन Human Rights Watch (HRW) ने एक भयावह रिपोर्ट जारी करते हुए कहा है कि 15 जून को माली के मध्य क्षेत्र में स्थित किरनिया (Kyrnia) गाँव पर रूसी सरकार द्वारा संचालित 'अफ्रीका कॉर्प्स' (Africa Corps) के विमानों ने हमला किया। इस हमले में तीन बच्चों सहित कुल आठ नागरिकों की दर्दनाक मौत हो गई।

रिपोर्ट के अनुसार, एक रूसी सुखोई Su-24 (Sukhoi Su-24) हमलावर विमान ने गाँव पर दो बम गिराए। पहला बम गाँव के मुखिया के घर के पास गिरा, जिससे उनकी पत्नी और तीन बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई। दूसरा बम पास के एक पशु बाजार में गिरा, जिसमें चार पुरुषों की जान चली गई। HRW ने स्पष्ट किया कि मारे गए लोगों में इस्लामिक उग्रवादी समूह JNIM का कोई लड़ाका शामिल नहीं था।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि माली की सुरक्षा व्यवस्था में रूस की बढ़ती भूमिका एक दोधारी तलवार साबित हो रही है। फ्रांस जैसे पुराने सहयोगियों से दूरी बनाने के बाद माली ने रूसी सैनिकों और भाड़े के सैनिकों (Mercenaries) पर भरोसा किया है, लेकिन इस तरह की नागरिक मौतों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय के बीच माली की सुरक्षा रणनीति की वैधता पर संकट खड़ा कर दिया है।

नागरिकों की यह मौतें दर्शाती हैं कि क्या ये हमले वास्तव में आतंकवाद विरोधी अभियान हैं या फिर बिना सोचे-समझे किए गए युद्ध अपराध।

माली पिछले एक दशक से अल-कायदा और इस्लामिक स्टेट से जुड़े उग्रवादियों के खिलाफ संघर्ष कर रहा है। हाल ही में, वागनर ग्रुप की जगह 'अफ्रीका कॉर्प्स' ने ले ली है, जो सीधे रूसी रक्षा मंत्रालय के नियंत्रण में है। HRW ने उपग्रह चित्रों और वीडियो का विश्लेषण करने के बाद यह निष्कर्ष निकाला कि हमले का कोई स्पष्ट सैन्य उद्देश्य नहीं दिख रहा था।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

माली में अस्थिरता तब से बढ़ी है जब से देश में तुआरेग अलगाववादी विद्रोह और उग्रवादी समूहों का प्रभाव बढ़ा है। 2021 के अंत से रूसी भाड़े के सैनिक देश में सक्रिय हैं, और हाल के महीनों में हिंसा की घटनाओं में भारी वृद्धि देखी गई है।

क्या आप जानते हैं?: माली में सुरक्षा के लिए फ्रांस के साथ सैन्य सहयोग खत्म होने के बाद रूस की भूमिका सबसे अधिक बढ़ गई है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. हमला किस विमान द्वारा किया गया था?
रिपोर्ट के अनुसार, हमला रूसी सुखोई Su-24 विमान द्वारा किया गया था।

2. क्या मारे गए लोग आतंकवादी थे?
नहीं, मानवाधिकार समूह के अनुसार मारे गए सभी आठ लोग नागरिक थे, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल थे।