यमन के मध्य प्रांतों में हौथी विद्रोहियों द्वारा मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण सरकारी सेना के कम से कम 30 सैनिकों की जान चली गई है। विद्रोहियों का दावा है कि उन्होंने सऊदी अरब के सैन्य जमावड़े को निशाना बनाया है।
मुख्य बिंदु
- हौथी विद्रोहियों ने मारिब और हद्रमौत प्रांतों में सैन्य शिविरों पर हमला किया।
- सरकारी सूत्रों के अनुसार, कम से कम 30 सैनिकों की मौत की सूचना है।
- हौथी समूह ने दावा किया कि हमला सऊदी सैन्य जमावड़े पर किया गया था।
यमन के मध्य प्रांतों में जारी भीषण संघर्ष ने एक बार फिर हिंसा की लहर पैदा कर दी है। रिपोर्टों के अनुसार, हौथी विद्रोहियों द्वारा सैन्य शिविरों पर किए गए लक्षित हमलों में यमन सरकार से जुड़े कम से कम 30 सैनिकों की मौत हो गई है।
सरकारी सूत्रों ने पुष्टि की है कि मारिब प्रांत के अल-रुवाइक क्षेत्र और हद्रमौत के अल-अब्र क्षेत्र में स्थित 'आपातकालीन बलों' (Emergency Forces) के शिविरों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया गया। स्वास्थ्य मंत्री कासिम बहीबा ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे 'विश्वासघाती' बताया है और कहा कि इसका उद्देश्य देश की सुरक्षा और स्थिरता को अस्थिर करना है।
क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह हमला यमन में चल रहे गृहयुद्ध के बढ़ते तनाव को दर्शाता है। सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन की उपस्थिति और ईरान समर्थित हौथी विद्रोहियों के बीच का यह संघर्ष न केवल क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा है, बल्कि यह मध्य पूर्व में शक्ति संतुलन को भी प्रभावित कर सकता है।
हौथी हमलों की बढ़ती तीव्रता यमन में शांति वार्ता की संभावनाओं को और अधिक जटिल बना रही है।
हौथी विद्रोहियों के सैन्य प्रवक्ता ने दावा किया कि उनके हमले का उद्देश्य उन शिविरों को निशाना बनाना था जहाँ 'बड़े पैमाने पर सऊदी सैन्य जमावड़े' देखे गए थे। गौरतलब है कि सऊदी अरब के नेतृत्व वाला गठबंधन वर्षों से यमन में सरकार का समर्थन कर रहा है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
यमन का गृहयुद्ध एक जटिल संघर्ष है जो 2014 में शुरू हुआ था। इसमें ईरान समर्थित हौथी विद्रोहियों और सऊदी अरब समर्थित अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के बीच लड़ाई चल रही है, जिसने देश में दुनिया के सबसे बड़े मानवीय संकटों में से एक को जन्म दिया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: हौथी विद्रोहियों का मुख्य लक्ष्य क्या था?
उत्तर: हौथी विद्रोहियों का दावा है कि उन्होंने सऊदी अरब के सैन्य जमावड़े को निशाना बनाया है।
प्रश्न 2: हमले किस क्षेत्रों में हुए?
उत्तर: हमले मारिब और हद्रमौत प्रांतों के सैन्य शिविरों में हुए।