रूस, बेलारूस और कजाकिस्तान में कुछ खास तरह के अंडरगार्मेंट्स की बिक्री पर प्रतिबंध है। यह प्रतिबंध फैशन पर नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और नमी सोखने की क्षमता (Hygroscopicity) पर आधारित है।
मुख्य बातें
- रूस में केवल वही अंडरवियर बिक सकते हैं जो 6% नमी सोखने की क्षमता रखते हों।
- प्रतिबंध का मुख्य कारण स्वास्थ्य और त्वचा की सुरक्षा है।
- सिंथेटिक और लेस वाले कपड़े पूरी तरह बैन नहीं हैं, बशर्ते वे मानक पूरे करें।
दुनिया के अलग-अलग देशों में अजीबोगरीब कानून होते हैं, जैसे सिंगापुर में च्युइंग गम पर प्रतिबंध। इसी तरह, रूस, बेलारूस और कजाकिस्तान में अंडरगार्मेंट्स को लेकर बेहद सख्त नियम लागू हैं। यह सुनकर अजीब लग सकता है, लेकिन यह नियम पूरी तरह से वैज्ञानिक और स्वास्थ्य संबंधी कारणों से बनाए गए हैं।
क्या है हाइग्रोस्कोपिसिटी (Hygroscopicity) नियम?
साल 2013 में इन देशों ने कुछ खास तरह के अंडरवियर पर रोक लगाने का फैसला किया था। शुरुआत में भ्रम फैला कि 'लेस' (Lacy) और डिजाइन वाले कपड़ों पर बैन है, लेकिन यूरेशियन इकोनॉमिक कमीशन ने स्पष्ट किया कि प्रतिबंध केवल उन कपड़ों पर है जो हाइग्रोस्कोपिसिटी के मानक को पूरा नहीं करते।
सरल शब्दों में, हाइग्रोस्कोपिसिटी का अर्थ है कि कोई कपड़ा कितनी नमी या पसीना सोख सकता है। नियम के अनुसार, किसी भी अंडरगार्मेंट को बाजार में बेचने के लिए उसमें कम से कम 6 प्रतिशत नमी सोखने की क्षमता होनी चाहिए।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह नियम केवल व्यापारिक नहीं बल्कि जन स्वास्थ्य से जुड़ा है। यदि कोई कपड़ा पसीना नहीं सोखता, तो त्वचा पर बैक्टीरिया, जलन और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
स्वास्थ्य मानकों की अनदेखी व्यक्तिगत स्वच्छता के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है।
उदाहरण के लिए, यदि कोई अंडरवियर 100% नायलॉन का है, तो वह पसीना नहीं सोखेगा, जिससे त्वचा पर चिपचिपाहट और संक्रमण हो सकता है। वहीं, कॉटन मिश्रण वाले कपड़े जो पसीना सोखते हैं, वे पूरी तरह वैध हैं।
किस तरह के उत्पाद बेचे जा सकते हैं?
बाजार में निम्नलिखित उत्पाद बेचे जा सकते हैं:
- 100% कॉटन के अंडरवियर और ब्रा।
- कॉटन-पॉलिएस्टर या कॉटन-नायलॉन मिश्रण वाले कपड़े।
- लेस वाली ब्रा और पैंटी, यदि उनमें कॉटन लाइनिंग (गसेट) हो और वे 6% नमी सोखने का परीक्षण पास कर लें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. क्या रूस में सभी लेस वाले अंडरवियर बैन हैं?
नहीं, केवल वे लेस वाले कपड़े बैन हैं जो नमी सोखने का मानक (6%) पूरा नहीं करते।
2. हाइग्रोस्कोपिसिटी क्या है?
यह कपड़े की नमी या पसीना सोखने की क्षमता को मापने का एक पैमाना है।