राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जन्मसिद्ध नागरिकता (birthright citizenship) को सीमित करने के लिए दो नए कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए हैं। सुप्रीम कोर्ट से झटका मिलने के बाद, यह नया कदम विशेष रूप से 'बर्थ टूरिज्म' और राजनयिक परिवारों को लक्षित करता है, जिसका भारतीय नागरिकों पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है।

मुख्य बातें

  • ट्रंप ने जन्मसिद्ध नागरिकता को सीमित करने के लिए दो नए कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए।
  • नए नियम 'बर्थ टूरिज्म' और राजनयिक कर्मचारियों के बच्चों पर केंद्रित हैं।
  • सुप्रीम कोर्ट द्वारा पिछले आदेश को रद्द किए जाने के कुछ ही हफ्तों बाद यह कदम उठाया गया है।
  • भारतीय परिवारों के लिए अमेरिका में प्रसव के लिए यात्रा करना अब अधिक कठिन हो सकता है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को जन्मसिद्ध नागरिकता (birthright citizenship) को नियंत्रित करने के उद्देश्य से दो नए कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए। यह कार्रवाई अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट द्वारा उनके पिछले प्रयास को खारिज किए जाने के मात्र पांच सप्ताह बाद की गई है।

अपने पहले आदेश के विपरीत, जो सभी अनचाहे प्रवासियों के बच्चों को लक्षित करता था, ये नए आदेश अधिक विशिष्ट और संकीर्ण हैं। एसोसिएटेड प्रेस (AP) के अनुसार, नए नियम विदेशी राजनयिकों, दूतावास कर्मचारियों, 'एलियन एनिमी' (विदेशी शत्रु) के बच्चों और उन लोगों के बच्चों पर केंद्रित हैं जिन्होंने धोखाधड़ी से नागरिकता प्राप्त की है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि ट्रंप प्रशासन अब एक कानूनी 'लूपहोल' का उपयोग करने की कोशिश कर रहा है। चूंकि सुप्रीम कोर्ट ने व्यापक आधार पर उनके पहले आदेश को रद्द कर दिया था, इसलिए प्रशासन अब उन विशिष्ट श्रेणियों को निशाना बना रहा है जिन्हें ऐतिहासिक रूप से विवादित माना जाता है।

जन्मसिद्ध नागरिकता अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन द्वारा गारंटीकृत है और इसे कार्यकारी आदेशों से बदला नहीं जा सकता।

दूसरा आदेश विशेष रूप से 'बर्थ टूरिज्म' (birth tourism) को लक्षित करता है। व्हाइट हाउस के सहायक स्टीफन मिलर ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका में केवल बच्चे को जन्म देने के उद्देश्य से आने वाले यात्रियों पर अब कड़ी निगरानी रखी जाएगी और उनके वीजा आवेदनों की गहन जांच होगी।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

जून 2026 में, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से ट्रंप के मूल आदेश को असंवैधानिक घोषित कर दिया था। कोर्ट ने 14वें संशोधन की व्याख्या करते हुए कहा था कि अमेरिकी धरती पर जन्म लेने वाले लगभग सभी व्यक्तियों को नागरिकता का अधिकार है।

क्या आप जानते हैं?: भारत उन शीर्ष देशों में शामिल है जिनके नागरिक अमेरिका में प्रसव के लिए 'बर्थ टूरिज्म' का सहारा लेते हैं।
विशेषतापुराना आदेशनया कार्यकारी आदेश
लक्ष्य समूहसभी अनधिकृत प्रवासीराजनयिक, शत्रु और धोखाधड़ी करने वाले
रणनीतिव्यापक प्रतिबंधलक्षित और संकीर्ण प्रतिबंध

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. क्या यह आदेश भारतीय नागरिकों को प्रभावित करेगा?
हाँ, विशेष रूप से वे जो अमेरिका में प्रसव के लिए यात्रा करने की योजना बना रहे हैं।

2. क्या इन आदेशों को अदालत में चुनौती दी जाएगी?
हाँ, ACLU जैसे नागरिक अधिकार समूह पहले से ही कानूनी लड़ाई की तैयारी कर रहे हैं।