यमन के मारिब शहर पर हुथी विद्रोहियों के नए हमलों के बाद सरकारी सेना ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है, जिससे देश में फिर से बड़े पैमाने पर युद्ध छिड़ने का खतरा बढ़ गया है।

मुख्य बातें

  • हुथी विद्रोहियों ने मारिब शहर पर मिसाइल और ड्रोन से फिर से गोलाबारी शुरू की है।
  • यमन की सरकारी सेना ने हुथी ठिकानों पर जवाबी हमले तेज कर दिए हैं।
  • हालिया संघर्ष में कम से कम 30 सरकारी सैनिक मारे जा चुके हैं।
  • विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यमन में पूर्ण पैमाने पर गृहयुद्ध वापस लौट सकता है।

यमन में पिछले कुछ वर्षों की सापेक्ष शांति अब खतरे में नजर आ रही है। हुथी विद्रोहियों द्वारा मारिब शहर पर नए सिरे से गोलाबारी शुरू करने के कुछ ही घंटों बाद, यमन की सरकारी सेना ने विभिन्न मोर्चों पर विद्रोहियों की क्षमताओं और ठिकानों को निशाना बनाते हुए जवाबी हमला तेज कर दिया है।

सैन्य प्रवक्ता के अनुसार, यह ऑपरेशन नागरिकों की सुरक्षा के लिए अनिवार्य था। यह कार्रवाई हुथी विद्रोहियों द्वारा हद्रमौत और मारिब प्रांतों में किए गए उन हमलों के बाद की गई है, जिनमें गुरुवार को कम से कम 30 सरकारी सैनिकों की जान चली गई थी और 15 अन्य घायल हो गए थे।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल एक स्थानीय झड़प नहीं है, बल्कि एक बड़े युद्ध की आहट है। मारिब शहर वर्तमान में यमन के लगभग 5 मिलियन विस्थापित लोगों में से 2 मिलियन से अधिक लोगों का घर है। यदि यहाँ संघर्ष बढ़ता है, तो मानवीय संकट का स्तर पहले से कहीं अधिक भयावह हो सकता है।

यमन में गृहयुद्ध तकनीकी रूप से कभी समाप्त ही नहीं हुआ था; अब सभी चेतावनी संकेत एक बड़े संघर्ष की ओर इशारा कर रहे हैं।

मध्य पूर्व विशेषज्ञ एलिजाबेथ केंडल का कहना है कि हालिया सैनिकों की आवाजाही और झड़पें इस बात का संकेत हैं कि यमन फिर से पूर्ण पैमाने पर संघर्ष की ओर बढ़ रहा है। हुथी समूहों का दावा है कि वे सरकारी बलों और सऊदी अरब के बीच संभावित समन्वय के संदेह में कार्रवाई कर रहे हैं।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

यमन में 2022 का युद्धविराम समाप्त हो चुका है। पिछले कुछ समय से स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, लेकिन हालिया मिसाइल और ड्रोन हमलों ने संघर्ष को एक नए और खतरनाक मोड़ पर खड़ा कर दिया है।

क्या आप जानते हैं?: मारिब शहर यमन के विस्थापित लोगों के लिए सबसे महत्वपूर्ण शरणस्थलों में से एक है, जहाँ लाखों लोग युद्ध के कारण अपना घर छोड़ने पर मजबूर हुए हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. हुथी विद्रोहियों ने मारिब पर हमला क्यों किया?
हुथी समूहों का दावा है कि वे सरकारी सेना और सऊदी अरब के बीच संभावित सैन्य समन्वय को रोकने के लिए रणनीतिक ठिकानों को निशाना बना रहे हैं।

2. इस संघर्ष का मानवीय प्रभाव क्या हो सकता है?
मारिब में लाखों विस्थापित लोग रहते हैं, इसलिए गोलाबारी से नागरिक आबादी के बीच भारी जान-माल का नुकसान होने की आशंका है।