ईरान में बढ़ती खाद्य मुद्रास्फीति और युद्ध के दबाव ने आम जनता का जीना दूभर कर दिया है। मध्यमवर्गीय परिवारों को अब बुनियादी जरूरतों के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है।
मुख्य बिंदु
- ईरान में खाद्य मुद्रास्फीति में 128% की भारी वृद्धि दर्ज की गई है।
- तेल, डेयरी और मांस जैसी बुनियादी वस्तुओं की कीमतें दोगुनी से अधिक हो गई हैं।
- मध्यमवर्गीय परिवार अब गरीबी रेखा के नीचे गिरने की कगार पर हैं।
- युद्ध और आर्थिक प्रतिबंधों ने देश की अर्थव्यवस्था को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।
तेहरान की सड़कों पर आज एक अलग ही मंजर देखने को मिल रहा है। कभी संपन्न माने जाने वाले मध्यमवर्गीय परिवार अब 'अमीर गरीब' कहलाने को मजबूर हैं। ईरान में खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की थाली से पोषण छीन लिया है।
आसमान छूती कीमतें और खाली होती जेबें
सांख्यिकीय केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, पिछले महीने खाद्य मुद्रास्फीति में 128 प्रतिशत का उछाल आया है। विशेष रूप से तेल और वसा (Oils and Fats) की कीमतों में 261.5% की वृद्धि देखी गई है, जो खाना पकाने के लिए अनिवार्य है। डेयरी उत्पादों और मांस की कीमतों में भी 145% से अधिक की बढ़ोतरी हुई है।
क्यों बढ़ रहा है यह संकट?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि ईरान की यह आर्थिक स्थिति केवल घरेलू कारणों से नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय युद्ध के दबाव और समुद्री नाकाबंदी का परिणाम है। अमेरिका और इजरायल के साथ जारी तनाव ने देश की मुद्रा की वैल्यू को गिरा दिया है, जिससे आयातित और घरेलू दोनों वस्तुओं के दाम बढ़ गए हैं।
"बाजार की स्थिति अब 'क्लिनिकल डेथ' की ओर बढ़ रही है, जहाँ कीमतें हर सुबह बदल जाती हैं," एक स्थानीय व्यापारी ने कहा।
तेहरान के उत्तरी भाग में स्थित ताजरीश स्क्वायर जैसे इलाकों में भी स्थिति गंभीर है। दुकानदार अब सामान उधार देने से कतरा रहे हैं क्योंकि उन्हें नहीं पता कि अगले दिन कीमतें क्या होंगी।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
ईरान लंबे समय से पश्चिमी आर्थिक प्रतिबंधों का सामना कर रहा है। 1980 के दशक के ईरान-इराक युद्ध के बाद से ही देश ने आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाए थे, लेकिन वर्तमान युद्ध की स्थिति और मुद्रा का पतन पिछले कई दशकों के आर्थिक सुधारों पर भारी पड़ रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. ईरान में सबसे अधिक महंगी होने वाली वस्तु कौन सी है?
वर्तमान में तेल और वसा (Oils and Fats) की कीमतों में सबसे अधिक 261.5% की वृद्धि दर्ज की गई है।
2. मध्यम वर्ग पर इसका क्या प्रभाव पड़ रहा है?
मध्यमवर्गीय परिवार अब अपनी बुनियादी जरूरतों जैसे मांस और अच्छी गुणवत्ता वाले तेल को खरीदने में असमर्थ हैं और वे गरीबी रेखा के नीचे जाने की कगार पर हैं।