व्हाइट हाउस के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने दावा किया है कि राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी रूसी तेल खरीद पर अमेरिकी टैरिफ के संकट को हल कर लेंगे। यह बयान अमेरिकी सीनेट द्वारा रूसी तेल खरीदारों पर भारी टैरिफ लगाने के प्रस्ताव के बाद आया है।
मुख्य बातें
- राष्ट्रपति ट्रंप और पीएम मोदी के बीच मजबूत संबंध इस संकट को हल करेंगे।
- अमेरिकी सीनेट ने रूसी तेल के शीर्ष पांच खरीदारों पर 100% टैरिफ लगाने का बिल पारित किया है।
- व्हाइट हाउस का मानना है कि भारत का रूस से तेल व्यापार युद्ध मशीन को वित्तपोषित कर रहा था।
वाशिंगटन: व्हाइट हाउस के वरिष्ठ व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच का गहरा व्यक्तिगत और पेशेवर संबंध भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद पर मंडरा रहे अमेरिकी टैरिफ के खतरे को समाप्त कर देगा।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी सीनेट ने एक नया बिल पारित किया है, जो राष्ट्रपति को रूसी तेल खरीदने वाले शीर्ष पांच देशों पर 100% टैरिफ लगाने का अधिकार देता है। सीनेट का तर्क है कि रूसी तेल की खरीद सीधे तौर पर यूक्रेन युद्ध को वित्तपोषित कर रही है।
क्यों यह महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह मुद्दा केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वैश्विक भू-राजनीतिक शक्ति संतुलन का हिस्सा है। भारत की ऊर्जा सुरक्षा और अमेरिका की युद्ध विरोधी नीतियों के बीच का टकराव अब एक निर्णायक मोड़ पर है।
ट्रंप और मोदी के बीच का तालमेल इस वैश्विक आर्थिक तनाव को कम करने में सबसे बड़ी भूमिका निभाएगा।
नवारो ने स्पष्ट किया कि भारत 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने से पहले रूस के साथ बड़े पैमाने पर तेल व्यापार में शामिल नहीं था, लेकिन युद्ध के बाद भारत ने भारी मात्रा में रूसी तेल खरीदा और रिफाइंड उत्पादों की बिक्री की। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि अब स्थिति नियंत्रण में है और भारत को रूस से धीरे-धीरे दूर किया जा रहा है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
2022 में यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के बाद से, भारत ने अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए रूस से रियायती दरों पर कच्चे तेल की खरीद बढ़ाई थी। इससे अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच भारत की भूमिका को लेकर बहस छिड़ गई थी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. अमेरिकी सीनेट का नया बिल क्या है?
यह बिल राष्ट्रपति को उन पांच देशों पर 100% टैरिफ लगाने की अनुमति देता है जो रूस से सबसे अधिक तेल खरीदते हैं।
2. पीटर नवारो कौन हैं?
पीटर नवारो व्हाइट हाउस के एक प्रमुख व्यापार सलाहकार हैं।