अलास्का के तट पर एक छोटी नाव ईंधन खत्म होने के कारण संकट में फंस गई थी, लेकिन मार्क जुकरबर्ग के विशालकाय मेगा-यॉट 'लांचपैड' ने रेडियो कॉल का कोई जवाब नहीं दिया। अंततः एक पुराने टूर बोट को रेस्क्यू ऑपरेशन करना पड़ा।

मुख्य बातें

  • मार्क जुकरबर्ग का $300-390 मिलियन का यॉट 'लांचपैड' अलास्का में संकट में फंसी नाव के पास मौजूद था।
  • कोस्ट गार्ड के रेडियो संदेश का यॉट के चालक दल ने कोई जवाब नहीं दिया।
  • एक 42 साल पुराने टूर बोट 'वाइल्डनेस लेगेसी' ने डूबती नाव को बचाया।
  • मेटा प्रवक्ता ने कहा कि वे रेडियो चैनल के अंतर के कारण जानकारी नहीं मिल पाई।

मेटा (Meta) के संस्थापक और अरबपति मार्क जुकरबर्ग का विशालकाय मेगा-यॉट, 'लांचपैड', एक विवाद के घेरे में आ गया है। अलास्का के तट पर हाल ही में एक संकट की स्थिति उत्पन्न हुई, जहाँ एक 21 फुट की छोटी नाव ईंधन खत्म होने के कारण समुद्र के बीच फंस गई थी। चश्मदीदों और यात्रियों के अनुसार, जुकरबर्ग का अत्याधुनिक और अत्यंत महंगा यॉट घटनास्थल के काफी करीब था, लेकिन उसने मदद के लिए किए गए रेडियो कॉल का कोई उत्तर नहीं दिया।

क्या हुआ था वास्तव में?

कोस्ट गार्ड के अनुसार, 3 अगस्त की रात लगभग 9:30 बजे सेंट पीटर्सबर्ग और जूनो के बीच एक छोटी नाव ने मदद मांगी थी। जब यात्री माइकल लव ने सोशल मीडिया पर बताया कि जुकरबर्ग का यॉट पास ही था और उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, तो यात्रियों में भारी रोष देखा गया। अंततः, 1984 में बनी एक पुरानी टूर बोट 'वाइल्डनेस लेगेसी' ने आगे बढ़कर उस छोटी नाव को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया।

BozokMedia विश्लेषण: क्यों चर्चा में है यह घटना?

BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि यह मामला केवल एक तकनीकी चूक का नहीं, बल्कि नैतिक जिम्मेदारी का है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून (SOLAS) के तहत, समुद्र में किसी भी संकट की स्थिति में पास मौजूद जहाज का यह कानूनी और नैतिक कर्तव्य है कि वह सहायता के लिए आगे आए।

समुद्री कानून के तहत, संकट में फंसी किसी भी नाव को देखते ही मदद करना कप्तान का सबसे पुराना और अनिवार्य कर्तव्य है।

जुकरबर्ग के प्रवक्ता ब्रायन बेकर ने स्पष्ट किया कि यॉट के चालक दल को घटना की जानकारी तब मिली जब रेस्क्यू ऑपरेशन पहले ही शुरू हो चुका था। उन्होंने दावा किया कि वे एक अलग रेडियो चैनल का उपयोग कर रहे थे, जिस कारण उन्हें कोस्ट गार्ड का संदेश सुनाई नहीं दिया।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

समुद्री सुरक्षा के नियम SOLAS (Safety of Life at Sea) संधि से संचालित होते हैं, जिसे 1914 में टाइटैनिक आपदा के बाद अपनाया गया था। यह संधि स्पष्ट करती है कि यदि कोई जहाज संकट का संकेत देता है, तो पास के हर जहाज को पूरी गति से सहायता के लिए जाना चाहिए।

क्या आप जानते हैं?: मार्क जुकरबर्ग का 'लांचपैड' यॉट लगभग 387 फीट लंबा है और इसमें चार शक्तिशाली इंजन लगे हैं जो मिलकर हजारों हॉर्सपावर पैदा करते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. क्या मार्क जुकरबर्ग उस समय यॉट पर मौजूद थे?
नहीं, प्रवक्ता के अनुसार जुकरबर्ग और उनका परिवार उस समय यॉट पर नहीं थे।

2. संकट में फंसी नाव में कौन था?
उस छोटी नाव में दो महिलाएं और एक बच्चा सवार थे, जिन्हें सुरक्षित बचा लिया गया।