संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि यमन 2022 के युद्धविराम के बाद सबसे खतरनाक स्थिति में है, जहाँ सैन्य संघर्ष फिर से तेज हो गया है। हूती विद्रोहियों और सरकारी बलों के बीच झड़पों से नागरिक और सैन्य दोनों तरह के जानमाल का खतरा बढ़ गया है।
मुख्य बातें
- यमन में 2022 के युद्धविराम के बाद से सबसे अधिक युद्ध का जोखिम देखा जा रहा है।
- हूती विद्रोहियों और सरकारी बलों के बीच मारिब, हद्रमौत और ताइज़ जैसे क्षेत्रों में संघर्ष तेज हुआ है।
- लाल सागर में जहाजों पर हमलों से क्षेत्रीय संघर्ष बढ़ने का डर है।
- देश की आधी आबादी खाद्य असुरक्षा का सामना कर रही है, जो अकाल की कगार पर है।
यमन एक बार फिर पूर्ण पैमाने पर युद्ध की कगार पर खड़ा है। संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत हंस ग्रुंडबर्ग ने गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को सूचित किया कि यमन में सैन्य गतिविधियां पिछले कुछ दिनों में काफी बढ़ गई हैं, जिससे 2022 के युद्धविराम के बाद से सबसे गंभीर स्थिति पैदा हो गई है।
ईरान समर्थित हूती समूह और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकारी बलों के बीच मारिब, हद्रमौत और अल-मखा (मोचा) जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भीषण झड़पें हुई हैं। ताइज़ में हूती हमलों को विफल करने के बाद, सरकार ने भी कई प्रांतों में हूती बलों के खिलाफ ड्रोन और तोपखाने से हमले किए हैं। यमन के राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद ने स्पष्ट किया है कि हूती हमलों का 'व्यापक जवाब' दिया जाएगा।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यमन का संघर्ष अब केवल स्थानीय नहीं रह गया है। लाल सागर में हूती हमलों ने इस संकट को अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे बड़े क्षेत्रीय टकराव से जोड़ दिया है। यदि युद्ध फिर से शुरू होता है, तो यह न केवल मध्य पूर्व की स्थिरता को बिगाड़ेगा, बल्कि वैश्विक व्यापार मार्गों को भी प्रभावित करेगा।
यमन के संघर्ष का विस्तार क्षेत्रीय अस्थिरता को एक ऐसे बिंदु पर ले जा सकता है जहाँ से वापसी असंभव होगी।
मानवीय संकट भी भयावह रूप ले रहा है। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय प्रमुख टॉम फ्लेचर ने बताया कि यमन की आधी आबादी के पास पर्याप्त भोजन नहीं है और छह मिलियन लोग अकाल जैसी स्थिति का सामना कर रहे हैं। महिलाओं के लिए स्थिति और भी गंभीर है, जहाँ गर्भावस्था से संबंधित जटिलताओं के कारण प्रतिदिन तीन महिलाओं की मृत्यु हो रही है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
यमन का संघर्ष 2014 में शुरू हुआ था जब हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद सऊदी अरब के नेतृत्व में एक सैन्य हस्तक्षेप हुआ, जिसने इस संघर्ष को एक लंबे गृहयुद्ध में बदल दिया। 2022 में एक युद्धविराम हुआ था, लेकिन हालिया क्षेत्रीय तनावों ने इसे कमजोर कर दिया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: यमन में संघर्ष बढ़ने का मुख्य कारण क्या है?
उत्तर: हूती विद्रोहियों द्वारा लाल सागर में जहाजों पर हमले और सरकारी बलों के साथ बढ़ते सैन्य टकराव इसके मुख्य कारण हैं।
प्रश्न 2: संयुक्त राष्ट्र ने क्या समाधान सुझाया है?
उत्तर: संयुक्त राष्ट्र ने दोनों पक्षों से तनाव कम करने, आर्थिक सहयोग बढ़ाने और एक मजबूत युद्धविराम की ओर काम करने का आह्वान किया है।