अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिण कोरिया के साथ होने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यासों को सीमित करने का आदेश दिया है। यह फैसला ईरान के परमाणु निरस्त्रीकरण में दक्षिण कोरिया के कथित असहयोग के बाद लिया गया है।

मुख्य बातें

  • ट्रंप ने पेंटागन को दक्षिण कोरिया के साथ सैन्य अभ्यास कम करने का निर्देश दिया।
  • ईरान के परमाणु मुद्दे पर दक्षिण कोरिया के रुख से ट्रंप नाराज हैं।
  • ट्रंप ने इन अभ्यासों को उत्तर कोरिया के लिए 'शत्रुतापूर्ण' बताया।
  • अभ्यास में 18,000 दक्षिण कोरियाई सैनिकों की भागीदारी होनी थी।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को पेंटागन को एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। उन्होंने दक्षिण कोरिया के साथ होने वाले आगामी संयुक्त सैन्य अभ्यासों के पैमाने को कम करने का आदेश दिया है। ट्रंप का यह कदम तब आया है जब उन्होंने दावा किया कि दक्षिण कोरिया ने ईरान के परमाणु निरस्त्रीकरण में मदद करने से इनकार कर दिया है।

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि यह अभ्यास बहुत महंगे हैं और उत्तर कोरिया के प्रति एक 'अनुचित और शत्रुतापूर्ण' संकेत भेजते हैं। उन्होंने उत्तर कोरिया को 'गैर-धमकीला और सम्मानजनक' बताया। ट्रंप ने युद्ध सचिव पिट हेगसेथ को इन अभ्यासों को काफी हद तक कम करने का निर्देश दिया है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि ट्रंप की यह नीति एशिया-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन को पूरी तरह से बदल सकती है। दक्षिण कोरिया के साथ सैन्य संबंधों में यह कमी न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा को प्रभावित करेगी, बल्कि उत्तर कोरिया के साथ ट्रंप के व्यक्तिगत संबंधों की दिशा भी तय करेगी।

ट्रंप की यह नीति पारंपरिक सैन्य गठबंधन के बजाय व्यक्तिगत कूटनीति और लेन-देन वाली विदेश नीति की ओर एक बड़ा बदलाव है।

निर्धारित 11-दिवसीय अभ्यास में 18,000 दक्षिण कोरियाई सैनिकों के शामिल होने की उम्मीद थी। इन अभ्यासों का उद्देश्य उत्तर कोरियाई खतरों के खिलाफ तैयारियों को मजबूत करना था, जिसमें लाइव-फायर अभ्यास और जटिल सैन्य युद्धाभ्यास शामिल थे।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने सैन्य अभ्यासों पर सवाल उठाए हैं। अपने पहले कार्यकाल के दौरान भी, उन्होंने इन युद्ध अभ्यासों को 'उत्तेजक' बताते हुए अचानक उन्हें रोकने की घोषणा की थी। 2018 में सिंगापुर शिखर सम्मेलन के बाद भी उन्होंने इसी तरह का रुख अपनाया था।

क्या आप जानते हैं?: डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान किम जोंग उन के साथ तीन बार मुलाकात की थी, जो इतिहास में एक अभूतपूर्व कूटनीतिक प्रयास था।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. ट्रंप ने सैन्य अभ्यास कम करने का आदेश क्यों दिया?
ट्रंप का मानना है कि ये अभ्यास महंगे हैं और उत्तर कोरिया के प्रति शत्रुतापूर्ण संकेत देते हैं, साथ ही वे ईरान के मुद्दे पर दक्षिण कोरिया के रुख से भी असंतुष्ट हैं।

2. उत्तर कोरिया की इस पर क्या प्रतिक्रिया है?
उत्तर कोरिया ने इन अभ्यासों को 'आक्रामक युद्ध का पूर्वाभ्यास' बताया है और आत्मरक्षा में कदम उठाने की चेतावनी दी है।