दक्षिण लेबनान में इजरायली सैन्य गतिविधियों में भारी वृद्धि हुई है, जिससे नागरिक बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। UNIFIL ने पिछले दो हफ्तों में प्रतिदिन औसतन 137 प्रोजेक्टाइल दागे जाने की पुष्टि की है।

  • UNIFIL ने 5 से 16 अगस्त के बीच प्रतिदिन औसतन 137 प्रोजेक्टाइल दर्ज किए।
  • जून 26 के युद्धविराम समझौते के बावजूद हिंसा में तेजी आई है।
  • मार्च से अब तक इजरायली हमलों में 4,346 लोग मारे जा चुके हैं।
  • लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने UNIFIL के जनादेश को बढ़ाने का समर्थन किया है।

दक्षिण लेबनान में मानवीय संकट गहराता जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (UNIFIL) ने एक आधिकारिक बयान में चेतावनी दी है कि इजरायली सेना द्वारा सैन्य गतिविधियों को तेज करने का खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, 5 अगस्त से 16 अगस्त के बीच क्षेत्र में प्रतिदिन औसतन 137 प्रोजेक्टाइल दागे गए, जबकि हालिया शनिवार और रविवार को यह संख्या क्रमशः 208 और 185 तक पहुंच गई।

यह तनाव उस समय बढ़ा है जब अमेरिका की मध्यस्थता में 26 जून को एक युद्धविराम समझौता हुआ था। इस समझौते की मुख्य शर्त लेबनान स्थित हिजबुल्लाह समूह का निशस्त्रीकरण था। हालांकि, हिजबुल्लाह ने इस सौदे को खारिज कर दिया है, उनका तर्क है कि जब तक इजरायल पूरी तरह से लेबनानी क्षेत्रों से अपनी सेना नहीं हटाता, वे किसी भी समझौते पर सहमत नहीं होंगे।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह संघर्ष केवल दो सैन्य समूहों के बीच नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक क्षेत्रीय रणनीति का हिस्सा है। इजरायल द्वारा नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाना हिजबुल्लाह पर दबाव बनाने की एक कोशिश हो सकती है, लेकिन इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोप बढ़ रहे हैं। यह स्थिति भू-राजनीतिक अस्थिरता को जन्म दे रही है जिससे पूरे मध्य पूर्व में युद्ध का खतरा बढ़ गया है।

इजरायल की नीति लेबनानी आबादी, विशेष रूप से शिया बहुल क्षेत्रों को सामूहिक रूप से दंडित करने की रही है ताकि हिजबुल्लाह को कमजोर किया जा सके।

ऐतिहासिक रूप से, 2006 में अपनाया गया संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद प्रस्ताव 1701 इस क्षेत्र में स्थिरता का मुख्य आधार रहा है। यह प्रस्ताव इजरायल और ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के बीच शत्रुता को समाप्त करने और लेबनानी सेना की तैनाती को मजबूत करने का आह्वान करता है। वर्तमान में, UNIFIL के जनादेश की समय सीमा इस वर्ष के अंत में समाप्त होने वाली है, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा शून्य होने का खतरा है।

लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने अंतरराष्ट्रीय बलों की निरंतर उपस्थिति सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उनका मानना है कि UNIFIL की अनुपस्थिति में दक्षिण लेबनान में अराजकता फैल सकती है। वहीं, बार्ड कॉलेज के प्रोफेसर जियाद अबू रिश के अनुसार, इजरायल अपनी अटूट इच्छाशक्ति प्रदर्शित करने के लिए हमलों को तेज कर रहा है।

पक्ष मुख्य मांग/स्थिति वर्तमान रुख
इजरायल हिजबुल्लाह का पूर्ण निशस्त्रीकरण सैन्य दबाव बढ़ाना
हिजबुल्लाह इजरायली सेना की पूर्ण वापसी समझौते का विरोध
UNIFIL प्रस्ताव 1701 का कार्यान्वयन शांति बनाए रखने का प्रयास
क्या आप जानते हैं?: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का प्रस्ताव 1701, 2006 के लेबनान युद्ध को समाप्त करने के लिए बनाया गया था, जो आज भी इस क्षेत्र में शांति का एकमात्र कानूनी ढांचा है।

Frequently Asked Questions

1. UNIFIL का मुख्य कार्य क्या है?
UNIFIL का कार्य दक्षिण लेबनान में शांति बनाए रखना, गश्त करना और मानवीय सहायता के लिए रास्ता साफ करना है।

2. जून 26 के समझौते में क्या विवाद था?
विवाद इस बात पर था कि इजरायल की वापसी हिजबुल्लाह के निशस्त्रीकरण के बाद होनी थी, जिसे हिजबुल्लाह ने स्वीकार नहीं किया।