भारतीय सेना की एक विशेष टुकड़ी थाईलैंड के सूरत थानी के लिए रवाना हो गई है, जहाँ 18 से 31 अगस्त तक संयुक्त सैन्य अभ्यास 'मैत्री-XV' का आयोजन किया जाएगा।

  • अभ्यास 'मैत्री-XV' का 15वां संस्करण 18 से 31 अगस्त तक सूरत थानी, थाईलैंड में आयोजित होगा।
  • भारतीय सेना की 9 गोरखा राइफल्स और रॉयल थाई सेना की 3rd बटालियन इसमें हिस्सा लेगी।
  • अभ्यास का मुख्य केंद्र जंगल और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में आतंकवाद विरोधी अभियान होंगे।

दक्षिण-पूर्व एशिया में रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, भारतीय सेना की एक टुकड़ी सोमवार को सूरत थानी, थाईलैंड के लिए रवाना हुई। यह टुकड़ी भारत और रॉयल थाई सेना के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास 'मैत्री-XV' के 15वें संस्करण में भाग लेगी, जो 18 अगस्त से 31 अगस्त, 2026 तक चलेगा।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस अभ्यास में भारतीय सेना और रॉयल थाई सेना दोनों की ओर से 85-85 कर्मी हिस्सा लेंगे। भारतीय दल में मुख्य रूप से 9 गोरखा राइफल्स के जवान शामिल हैं, जो अपनी जंगल युद्ध विशेषज्ञता के लिए जाने जाते हैं। वहीं, थाई सेना की ओर से 5वें डिवीजन की 25वीं इन्फैंट्री ब्रिगेड की तीसरी बटालियन के जवान शामिल होंगे।

BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, अभ्यास 'मैत्री' केवल एक सैन्य ड्रिल नहीं है, बल्कि भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अध्याय VII के तहत संचालन करके, दोनों देश अंतरराष्ट्रीय शांति स्थापना और स्थिरता अभियानों के लिए अपनी तत्परता का संकेत दे रहे हैं।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में फील्ड एक्सरसाइज, कॉम्बैट चर्चा, व्याख्यान और प्रदर्शन शामिल होंगे। अभ्यास का समापन एक वैलिडेशन एक्सरसाइज के साथ होगा, जिसमें दोनों सेनाओं की आपसी तालमेल की क्षमता को परखा जाएगा। इसके अलावा, दोनों देशों के सैनिक अपने परिचालन अनुभवों और आधुनिक सैन्य उपकरणों एवं प्रौद्योगिकियों का आदान-प्रदान करेंगे।

"मैत्री-XV के दौरान विकसित तालमेल केवल सामरिक प्रशिक्षण नहीं है; यह बदलते वैश्विक गठबंधनों के दौर में नई दिल्ली और बैंकॉक के बीच विश्वास का एक रणनीतिक सेतु है।"

ऐतिहासिक रूप से, 'मैत्री' अभ्यास की शुरुआत 2006 में सैन्य सहयोग और आपसी समझ बढ़ाने के लिए की गई थी। इसे सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने और रक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच माना जाता है। इसका पिछला संस्करण सितंबर 2025 में मेघालय के उमरोई स्थित विदेशी प्रशिक्षण नोड में आयोजित किया गया था।

विशेषता भारतीय टुकड़ी थाई टुकड़ी
कर्मियों की संख्या 85 जवान 85 जवान
मुख्य यूनिट 9 गोरखा राइफल्स 3rd Bn, 25th Inf Bde
मुख्य फोकस जंगल/अर्ध-शहरी अभियान जंगल/अर्ध-शहरी अभियान
क्या आप जानते हैं?: 'मैत्री' शब्द संस्कृत से लिया गया है, जिसका अर्थ है 'दोस्ती', जो भारत और थाईलैंड के बीच गहरे सांस्कृतिक और राजनयिक संबंधों का प्रतीक है।

प्रश्न 1: अभ्यास मैत्री-XV का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य जंगल और अर्ध-शहरी इलाकों में संयुक्त आतंकवाद विरोधी और उग्रवाद विरोधी अभियानों में आपसी तालमेल और सैन्य सहयोग को बढ़ाना है।

प्रश्न 2: इस अभ्यास में भारत की कौन सी यूनिट भाग ले रही है?
भारतीय दल में मुख्य रूप से 9 गोरखा राइफल्स के जवान शामिल हैं।