अमेरिकी दूत जारेड कुशनर ने काहिरा में हमास नेताओं के साथ ऐतिहासिक बैठक की है। अब वे बेंजामिन नेतन्याहू से मिलेंगे ताकि ट्रंप के 15-सूत्रीय गाजा रोडमैप को लागू किया जा सके।
- जारेड कुशनर ने काहिरा में हमास नेता खलील अल-हय्या के साथ दो घंटे की अभूतपूर्व बैठक की।
- अमेरिका गाजा के लिए 15-सूत्रीय रोडमैप लागू करना चाहता है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल शामिल है।
- इजरायली पीएम नेतन्याहू ने इस ढांचे को खारिज कर दिया है और पूर्ण निशस्त्रीकरण की मांग की है।
- सऊदी अरब और तुर्की सहित आठ मुस्लिम देशों ने इजरायल द्वारा शांति प्रयासों में देरी की निंदा की है।
अमेरिकी कूटनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत देते हुए, अमेरिकी दूत जारेड कुशनर ने मिस्र के काहिरा में उच्च-स्तरीय वार्ता की है। यह बैठक दो घंटे से अधिक चली, जिसमें खलील अल-हय्या के नेतृत्व में हमास के प्रतिनिधिमंडल के साथ सीधा संवाद हुआ। यह कदम अमेरिका द्वारा हमास को 'आतंकवादी संगठन' मानने के आधिकारिक रुख के बावजूद लिया गया है, जो जमीन पर हमास की राजनीतिक वास्तविकता को स्वीकार करने का संकेत है।
कुशनर, जिनके साथ बोर्ड ऑफ पीस के महानिदेशक निकोलय म्लादेनोव और ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर थे, अब तेल अवीव में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मिलने वाले हैं। इस मिशन का उद्देश्य गाजा युद्धविराम रोडमैप के दूसरे चरण को आगे बढ़ाना है। हालांकि, नेतन्याहू ने सार्वजनिक रूप से इस ढांचे को खारिज कर दिया है और गाजा में सैन्य अभियान जारी रखे हुए हैं।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि अमेरिका अब हमास को समस्या के बजाय समाधान के एक अनिवार्य हिस्से के रूप में देख रहा है। यह रणनीतिक बदलाव दर्शाता है कि वाशिंगटन अब 'डिप्लोमैटिक पिंग-पोंग' से थक चुका है और राष्ट्रपति ट्रंप के लिए विदेश नीति में एक बड़ी जीत दर्ज करने के लिए गाजा मुद्दे को सुलझाना चाहता है, क्योंकि ईरान और लेबनान जैसे अन्य मोर्चों पर अपेक्षित सफलता नहीं मिली है।
"यह अमेरिकी रुख में बदलाव को दर्शाता है; अमेरिकी नजरिए में अब हमास समस्या नहीं, बल्कि समाधान का हिस्सा है।" - आदेल शादिद, इजरायली मामलों के विशेषज्ञ।
बोर्ड ऑफ पीस द्वारा अनुमोदित 15-सूत्रीय रोडमैप एक चरणबद्ध दृष्टिकोण का प्रस्ताव करता है। इसमें सैन्य अभियानों की समाप्ति, हथियारों का धीरे-धीरे निपटान और एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल (International Stabilization Force) की तैनाती शामिल है। इसका लक्ष्य एक फिलिस्तीनी तकनीकी प्रशासन स्थापित करना है जो पुनर्निर्माण और नागरिक शासन की देखरेख करे।
वाशिंगटन और तेल अवीव के बीच तनाव चरम पर है। येदियोथ अहरोनोथ की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारी नेतन्याहू से निराश हैं और उन पर समय बर्बाद करने का आरोप लगा रहे हैं। कुशनर का तेल अवीव दौरा केवल बातचीत के लिए नहीं, बल्कि समझौते को 'अंतिम रूप' देने के लिए है, जिसमें 'येलो लाइन' तक सेना की वापसी और मानवीय सहायता बढ़ाने की मांग की जाएगी।
| विशेषता | अमेरिकी रोडमैप का रुख | नेतन्याहू का रुख |
|---|---|---|
| हमास की स्थिति | राजनीतिक अभिनेता/आवश्यक भागीदार | उन्मूलन किया जाने वाला संगठन |
| सैन्य वापसी | येलो लाइन तक चरणबद्ध वापसी | पूर्ण निशस्त्रीकरण तक कोई वापसी नहीं |
| शासन | तकनीकी फिलिस्तीनी प्रशासन | इजरायली सुरक्षा नियंत्रण |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: अमेरिका हमास जैसे प्रतिबंधित संगठन से क्यों मिल रहा है?
अमेरिका एक व्यावहारिक कूटनीति अपना रहा है, यह मानते हुए कि स्थायी युद्धविराम के लिए हमास की राजनीतिक भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
प्रश्न 2: 15-सूत्रीय रोडमैप क्या है?
यह एक व्यापक शांति ढांचा है जिसमें युद्ध विराम, हथियारों का भंडारण और गाजा को स्थिर करने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय बल की तैनाती शामिल है।