रूस की अदालत ने युद्ध विरोधी बयान देने के लिए विपक्षी नेता लेव श्लोसबर्ग को 11 साल की सजा सुनाई है। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने याबलोको पार्टी को आगामी ड्यूमा चुनावों के मतपत्र से हटा दिया है।

  • लेव श्लोसबर्ग को 'सेना को बदनाम करने' के आरोप में 11 साल और एक महीने की कैद।
  • रूस की सुप्रीम कोर्ट ने याबलोको पार्टी को संसदीय चुनावों (ड्यूमा) से बाहर किया।
  • याबलोको एकमात्र पंजीकृत पार्टी थी जिसने खुले तौर पर यूक्रेन युद्ध का विरोध किया था।

रूस में राजनीतिक स्वतंत्रता का दायरा लगातार सिमटता जा रहा है। एक रूसी अदालत ने सोमवार को प्रमुख विपक्षी राजनेता लेव श्लोसबर्ग को यूक्रेन युद्ध के खिलाफ बोलने के लिए 11 साल और एक महीने के कारावास की सजा सुनाई। यह फैसला अगले महीने होने वाले संसदीय चुनावों से ठीक पहले आया है, जिसने रूस में लोकतंत्र की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

63 वर्षीय श्लोसबर्ग, जो याबलोको पार्टी के उपाध्यक्ष हैं, पर रूसी सेना के बारे में 'गलत जानकारी' फैलाने और उसे 'बदनाम' करने का आरोप था। उन पर यह मामला तब बना जब उन्होंने एक बहस के दौरान युद्ध समाप्त करने की अपील की और अपने टेलीग्राम चैनल पर एक विवादित छवि साझा की, जिसमें राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की तस्वीर के साथ युद्ध की विभीषिका को दर्शाया गया था।

यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल एक व्यक्ति की सजा नहीं है, बल्कि रूस में किसी भी प्रकार के असंतोष को पूरी तरह कुचलने की एक सोची-समझी रणनीति है। याबलोको पार्टी का चुनाव से बाहर होना यह दर्शाता है कि क्रेमलिन अब केवल नियंत्रित विपक्ष चाहता है, वास्तविक विरोध नहीं।

"श्लोसबर्ग का मनमाना अभियोजन और सजा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का उपयोग करने के लिए एक स्पष्ट प्रतिशोध है।" - मैरी स्ट्रुथर्स, एमनेस्टी इंटरनेशनल।

एक अलग फैसले में, रूस की सुप्रीम कोर्ट ने याबलोको पार्टी को 18-20 सितंबर को होने वाले स्टेट ड्यूमा चुनावों के मतपत्र से हटाने के निर्णय को बरकरार रखा। याबलोको वह एकमात्र आधिकारिक पार्टी थी जिसने यूक्रेन युद्ध का विरोध किया था। पार्टी के खिलाफ 'कॉपीराइट उल्लंघन' और 'चुनाव खर्च की सीमा पार करने' जैसे तकनीकी आरोप लगाए गए थे, लेकिन वास्तव में इसका कारण उनका युद्ध-विरोधी रुख था।

ऐतिहासिक रूप से, रूस में 'विदेशी एजेंट' (Foreign Agent) का लेबल लगाकर विरोधियों को चुप कराने की परंपरा रही है। श्लोसबर्ग को भी इस श्रेणी में रखा गया था, जिससे उन पर सरकारी निगरानी और दबाव और बढ़ गया। उन्होंने अदालत में अपने अंतिम बयान में कहा कि रूस पिछले 30 वर्षों में स्वतंत्रता की उम्मीदों से नागरिक अधिकारों के विनाश की ओर बढ़ा है।

क्या आप जानते हैं?: रूस में 'विदेशी एजेंट' कानून का उपयोग अक्सर उन गैर-सरकारी संगठनों और पत्रकारों को निशाना बनाने के लिए किया जाता है जो सरकार की आलोचना करते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: लेव श्लोसबर्ग को सजा क्यों मिली?
उन्हें रूसी सेना को बदनाम करने और यूक्रेन युद्ध के खिलाफ बोलने के कारण 11 साल की सजा सुनाई गई।

प्रश्न 2: याबलोको पार्टी को चुनाव से क्यों हटाया गया?
सुप्रीम कोर्ट ने तकनीकी आधारों और उनके युद्ध-विरोधी रुख के कारण उन्हें मतपत्र से हटाने का फैसला किया।