रूस की अदालत ने प्रमुख युद्ध-विरोधी राजनेता लेव श्लोसबर्ग को सेना को 'बदनाम' करने के आरोप में 11 साल की सजा सुनाई है, जिसे उन्होंने राजनीतिक प्रतिशोध बताया है।
- लेव श्लोसबर्ग को 'सेना को बदनाम करने' और 'गलत सूचना फैलाने' के आरोप में 11 साल 1 महीने की सजा।
- उनकी पार्टी 'यब्लोको' (Yabloko) को सितंबर के संसदीय चुनावों में भाग लेने से रोक दिया गया है।
- रूस में पुतिन शासन के तहत युद्ध-विरोधी आवाजों का पूरी तरह दमन किया जा रहा है।
रूस के उत्तर-पश्चिमी शहर प्सकोव (Pskov) की एक अदालत ने सोमवार को एक बेहद विवादास्पद फैसला सुनाते हुए प्रमुख युद्ध-विरोधी राजनेता लेव श्लोसबर्ग को 11 साल और एक महीने के लिए दंड कॉलोनी (penal colony) भेजने का आदेश दिया है। 63 वर्षीय श्लोसबर्ग पर आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से रूसी सशस्त्र बलों का 'अपमान' किया और उनके बारे में 'झूठी जानकारी' फैलाई।
श्लोसबर्ग ने इस फैसले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इस मुकदमे का एकमात्र उद्देश्य एक व्यक्ति को उसकी राजनीतिक, सार्वजनिक और नागरिक स्थिति के लिए दंडित करना था। उन्होंने अदालत में अपने अंतिम भाषण में इस पूरी कानूनी प्रक्रिया को एक 'जांच का ढोंग' करार दिया। उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध में तत्काल युद्धविराम और राजनीतिक संवाद शुरू करने की अपील की, हालांकि न्यायाधीश ने उन्हें बार-बार बीच में ही टोक दिया।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति की सजा नहीं है, बल्कि रूस में लोकतांत्रिक विपक्ष के पूर्ण विनाश का संकेत है। यब्लोको (Yabloko) एकमात्र पंजीकृत पार्टी थी जिसने 2022 में यूक्रेन पर आक्रमण का विरोध किया था। अब, इस पार्टी को चुनावों से बाहर करना और इसके नेतृत्व को जेल भेजना यह सुनिश्चित करता है कि आगामी संसदीय चुनावों में केवल पुतिन समर्थक आवाजें ही गूंजें।
रूस में युद्धकालीन सेंसरशिप कानूनों का उपयोग अब राजनीतिक विरोधियों को पूरी तरह मिटाने के लिए एक हथियार के रूप में किया जा रहा है।
ऐतिहासिक रूप से, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पिछले 27 वर्षों में सत्ता पर अपनी पकड़ मजबूत की है। 2022 के आक्रमण के बाद से, रूस में असहमति की किसी भी सार्वजनिक अभिव्यक्ति को कठोरता से दबाया गया है। युद्धकालीन कानूनों के तहत अब मामूली आलोचना पर भी भारी जुर्माना या लंबी जेल की सजा का प्रावधान है।
यब्लोको पार्टी को चुनाव से बाहर करने के लिए 'अंतरराष्ट्रीय LGBT आंदोलन' का समर्थन करने और कॉपीराइट उल्लंघन जैसे अजीबोगरीब आरोपों का सहारा लिया गया। वर्तमान में, चुनाव लड़ने वाली सभी 10 पार्टियां यूक्रेन युद्ध का समर्थन करती हैं, जिससे चुनावी प्रक्रिया केवल एक औपचारिक औपचारिकता बनकर रह गई है।
| विवरण | यब्लोको (Yabloko) | अन्य पंजीकृत पार्टियां |
|---|---|---|
| यूक्रेन युद्ध पर रुख | विरोध (Anti-War) | समर्थन (Pro-War) |
| चुनाव पात्रता | प्रतिबंधित (Banned) | अनुमत (Allowed) |
| राजनीतिक स्थिति | उदारवादी/विपक्ष | प्रो-क्रेमलिन |
Frequently Asked Questions
1. लेव श्लोसबर्ग को किस आरोप में सजा हुई?
उन्हें रूसी सेना को बदनाम करने और सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाने के आरोप में सजा सुनाई गई है।
2. यब्लोको पार्टी को चुनावों से क्यों हटाया गया?
अदालत ने उन पर LGBT आंदोलन का समर्थन करने और कॉपीराइट उल्लंघन के आरोपों के आधार पर प्रतिबंध लगाया है।