अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दूत जारेड कुशनर ने हमास नेताओं के साथ दुर्लभ बैठक के बाद यरूशलेम में बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य गाजा में युद्ध विराम और निशस्त्रीकरण योजना को आगे बढ़ाना है।
- जारेड कुशनर ने काहिरा में हमास नेताओं से मिलने के तुरंत बाद नेतन्याहू से मुलाकात की।
- ट्रम्प की योजना के तहत हमास के निशस्त्रीकरण के बदले इजरायल की वापसी का प्रस्ताव है।
- अक्टूबर में होने वाले इजरायली चुनावों के कारण नेतन्याहू किसी भी बड़े समझौते से बच रहे हैं।
यरूशलेम में सोमवार को एक उच्च-स्तरीय कूटनीतिक बैठक हुई, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दामाद और विशेष दूत जारेड कुशनर ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की। यह बैठक इसलिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इससे ठीक एक दिन पहले कुशनर ने काहिरा में हमास के वरिष्ठ नेताओं के साथ एक दुर्लभ और गोपनीय बैठक की थी। इस पूरी कवायद का उद्देश्य राष्ट्रपति ट्रम्प की गाजा शांति योजना को धरातल पर उतारना है।
इस बैठक में कुशनर के साथ 'बोर्ड ऑफ पीस' के दूत निकोलय म्लादेनोव भी मौजूद थे। म्लादेनोव, जो संयुक्त राष्ट्र के पूर्व अधिकारी रहे हैं और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के साथ गहरे संबंध रखते हैं, इस शांति प्रक्रिया के मुख्य वास्तुकारों में से एक माने जाते हैं। सूत्रों के अनुसार, म्लादेनोव ट्रम्प की मूल 20-सूत्रीय योजना को लागू करने का प्रयास कर रहे हैं, जिस पर पिछले वर्ष इजरायल और हमास ने सैद्धांतिक सहमति जताई थी।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that this diplomatic surge is a calculated move by the Trump administration to secure a legacy-defining peace deal. However, the timing is critical; Netanyahu is currently facing plummeting approval ratings in opinion polls ahead of the October 27 national elections. For Netanyahu, a premature withdrawal from Gaza could be viewed as a sign of weakness by his right-wing coalition, making a breakthrough unlikely before the polls.
"The intersection of domestic electoral politics in Israel and U.S. foreign policy ambitions is creating a volatile deadlock in Gaza negotiations."
ट्रम्प की योजना के अनुसार, गाजा से इजरायली बलों की वापसी चरणों में होगी। जैसे-जैसे हमास अपने हथियारों का त्याग करेगा, इजरायल पीछे हटेगा और एक 'अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल' (International Stabilisation Force) नए फिलिस्तीनी पुलिस बल के साथ मिलकर क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। हालांकि, नेतन्याहू ने स्पष्ट किया है कि सेना तभी पीछे हटेगी जब हमास और अन्य सशस्त्र समूह पूरी तरह से निशस्त्र हो जाएंगे।
ऐतिहासिक रूप से, जारेड कुशनर पहले भी हमास अधिकारियों के साथ बातचीत कर चुके हैं। अक्टूबर 2025 में उनकी मध्यस्थता से एक समझौता हुआ था, जिसके परिणामस्वरूप गाजा में युद्ध विराम हुआ और अक्टूबर 7 के हमलों में बंधक बनाए गए लोगों की रिहाई संभव हो सकी थी। वर्तमान में, हमास ने 15-सूत्रीय रोडमैप पर सहमति जताई है, लेकिन इजरायल ने इसे खारिज कर दिया है।
| पक्ष | मुख्य मांग/शर्त | वर्तमान स्थिति |
|---|---|---|
| अमेरिका (ट्रम्प योजना) | चरणबद्ध निशस्त्रीकरण और वापसी | मध्यस्थता जारी |
| इजरायल (नेतन्याहू) | पूर्ण निशस्त्रीकरण के बाद ही वापसी | सख्त रुख |
| हमास | पहले वापसी और हमलों पर रोक | रोडमैप पर सहमत |
Frequently Asked Questions
1. ट्रम्प की गाजा योजना का मुख्य बिंदु क्या है?
इस योजना का मुख्य बिंदु हमास का पूर्ण निशस्त्रीकरण है, जिसके बदले में इजरायल गाजा से अपनी सेना वापस लेगा और सुरक्षा के लिए एक अंतरराष्ट्रीय बल तैनात किया जाएगा।
2. नेतन्याहू इस योजना का विरोध क्यों कर रहे हैं?
नेतन्याहू का तर्क है कि पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित किए बिना वापसी संभव नहीं है, साथ ही अक्टूबर के चुनावों के कारण वे राजनीतिक जोखिम नहीं लेना चाहते।