अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ओमान ईरान के साथ बातचीत में बाधा डालेगा, तो अमेरिका उस पर हमला कर सकता है। यह विवाद स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ के reopening और IRGC के साथ गुप्त बातचीत के दावों के बीच शुरू हुआ है।
- ट्रंप ने ओमान को चेतावनी दी कि वह अमेरिका-ईरान वार्ता में बाधा न बने।
- अमेरिका ने IRGC के साथ 'बैकचैनल' बातचीत का दावा किया, जिसे ईरान ने खारिज कर दिया।
- स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ के माध्यम से तेल शिपिंग को फिर से शुरू करने पर बातचीत जारी है।
- 60 दिनों का समझौता ज्ञापन (MoU) सोमवार को समाप्त हो गया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए ओमान को चेतावनी दी है कि यदि वह अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत के बीच में आया, तो अमेरिका उस पर भारी बमबारी करेगा। फॉक्स न्यूज की एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने एक फोन कॉल के दौरान यह बयान दिया, जिससे मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है।
इस विवाद की जड़ में स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ है, जो दुनिया का एक महत्वपूर्ण जलमार्ग है। इस मार्ग से दुनिया के लगभग 20% तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) का परिवहन होता है। फरवरी में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद, तेहरान ने इस मार्ग को काफी हद तक अवरुद्ध कर दिया था। अब ओमान, जो खुद को एक तटस्थ देश बताता है, इस मार्ग को फिर से खोलने के लिए मध्यस्थता कर रहा है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that Trump's rhetoric is designed to project absolute dominance in the region. By threatening a neutral mediator like Oman, the US is signaling that it will not tolerate any third-party interference in its direct strategic goals with Iran, especially regarding nuclear proliferation and energy security.
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका का इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के साथ एक सीधा 'बैकचैनल' संपर्क है। हालांकि, IRGC ने इस दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। तस्नीम न्यूज एजेंसी को दिए एक बयान में, IRGC प्रवक्ता ने ट्रंप के दावों को 'भ्रम और दुःस्वप्न' करार दिया।
"ट्रंप की यह धमकी कूटनीति के पारंपरिक नियमों को तोड़ती है और मध्य पूर्व में अस्थिरता को बढ़ा सकती है।"
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाएई ने संकेत दिया कि शिपिंग रूट के मानचित्र को लेकर एक समझ बनी है, लेकिन अंतिम विवरण अभी तय किए जाने बाकी हैं। वहीं, ईरान ने अमेरिका से MoU के उल्लंघन के लिए मुआवजे की मांग की है, जिसमें जहाजों से 5% से 7% शुल्क लेने की बात कही गई है।
ऐतिहासिक रूप से, 18 जून को हस्ताक्षरित 60-दिवसीय समझौता ज्ञापन (MoU) का उद्देश्य एक स्थायी युद्धविराम लाना था। लेकिन आपसी हमलों के कारण यह शांति अल्पकालिक रही और 8 जुलाई को ट्रंप ने घोषणा कर दी थी कि युद्धविराम समाप्त हो गया है। ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि उनका प्राथमिक लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान किसी भी स्थिति में परमाणु हथियार हासिल न कर सके।
Frequently Asked Questions
1. ट्रंप ने ओमान को धमकी क्यों दी?
क्योंकि ट्रंप चाहते हैं कि अमेरिका और ईरान के बीच की बातचीत में ओमान एक बाधा के रूप में कार्य न करे।
2. IRGC क्या है?
IRGC ईरान की एक शक्तिशाली सैन्य, राजनीतिक और आर्थिक शाखा है, जिसे अमेरिका ने एक आतंकवादी संगठन के रूप में मान्यता दी है।