नई दिल्ली में आयोजित BRICS पर्यावरण मंत्रियों की बैठक में सदस्य देशों ने यूरोपीय संघ के कार्बन बॉर्डर टैक्स (CBAM) को व्यापारिक बाधा और भेदभावपूर्ण करार दिया है। विकसित देशों से जलवायु वित्त बढ़ाने की भी मांग की गई है।
- BRICS देशों ने EU के कार्बन बॉर्डर टैक्स (CBAM) को एकतरफा और भेदभावपूर्ण बताया।
- सदस्य देशों ने विकसित राष्ट्रों से जलवायु अनुकूलन के लिए वित्त बढ़ाने की मांग की।
- भारत ने इस बैठक की अध्यक्षता की, जबकि 2027 की मेजबानी चीन को सौंपी गई।
नई दिल्ली में आयोजित 12वें BRICS पर्यावरण मंत्रियों की बैठक में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया, जब सदस्य देशों ने यूरोपीय संघ (EU) के कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (CBAM) का पुरजोर विरोध किया। BRICS के मंत्रियों ने इस कर प्रणाली को एकतरफा, दंडात्मक और भेदभावपूर्ण उपाय बताया, जो अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों के विरुद्ध है।
CBAM एक आयात शुल्क है जो स्टील, लोहा, उर्वरक, एल्युमीनियम और सीमेंट जैसे कार्बन-गहन उत्पादों पर लगाया जाता है। हालांकि यूरोपीय संघ का तर्क है कि यह कार्बन फुटप्रिंट कम करने के लिए है, लेकिन विकासशील देशों ने इसे एक 'व्यापार बाधा' के रूप में देखा है। 1 जनवरी, 2026 से लागू होने के बाद से, आयातकों को कार्बन उत्सर्जन से जुड़े प्रमाण पत्र खरीदने पड़ रहे हैं, जिससे विकासशील अर्थव्यवस्थाओं पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह विवाद वैश्विक व्यापार और जलवायु न्याय के बीच बढ़ते संघर्ष को दर्शाता है। यदि विकसित देश इस तरह के एकतरफा कर लगाते हैं, तो यह ग्लोबल साउथ की औद्योगिक प्रगति को बाधित कर सकता है और अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों में दरार पैदा कर सकता है।
विकासशील देशों के लिए यह केवल पर्यावरण का मुद्दा नहीं है, बल्कि उनके आर्थिक संप्रभुता और व्यापारिक निष्पक्षता पर सीधा हमला है।
बैठक में भारत, ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, संयुक्त अरब अमीरात, इंडोनेशिया, ईरान, सऊदी अरब, मिस्र और इथियोपिया के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। मंत्रियों ने 'साझा लेकिन अलग-अलग जिम्मेदारियों' (CBDR-RC) के सिद्धांत पर जोर दिया, जिसका अर्थ है कि जलवायु परिवर्तन से निपटने की जिम्मेदारी सभी की है, लेकिन विकसित देशों को उनकी ऐतिहासिक भूमिका के कारण अधिक बोझ उठाना चाहिए।
इसके अतिरिक्त, BRICS ब्लॉक ने समृद्ध देशों से New Collective Quantified Goal (NCQG) के तहत जलवायु वित्त को तेजी से बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने COP 30 में लिए गए निर्णयों के अनुसार 2035 तक विकासशील देशों के लिए अनुकूलन वित्त को तीन गुना करने की मांग की है।
Frequently Asked Questions
1. CBAM क्या है? यह यूरोपीय संघ द्वारा कार्बन-गहन उत्पादों के आयात पर लगाया जाने वाला एक कर है।
2. BRICS का मुख्य विरोध क्या है? BRICS देशों का मानना है कि यह कर भेदभावपूर्ण है और विकासशील देशों की आर्थिक वृद्धि में बाधा डालता है।