एशिया के कई देशों में बारूदी सुरंगों को हटाने के प्रयासों में भारी गिरावट आई है क्योंकि वैश्विक दाताओं का ध्यान वर्तमान सक्रिय युद्धों की ओर स्थानांतरित हो गया है। यह स्थिति लाखों नागरिकों के जीवन को खतरे में डाल रही है।

  • एशिया में डीमिनिंग (demining) फंड में भारी कमी आई है।
  • यूक्रेन और गाजा जैसे सक्रिय संघर्षों ने अंतरराष्ट्रीय सहायता को अपनी ओर खींच लिया है।
  • लाखों लोग अभी भी बारूदी सुरंगों वाले क्षेत्रों में रहने को मजबूर हैं।

एशिया के कई युद्ध-ग्रस्त और पूर्व-संघर्ष क्षेत्रों में बारूदी सुरंगों को हटाने (demining) का काम अब एक गंभीर संकट का सामना कर रहा है। AP News की रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय समुदाय में बढ़ती 'दाता थकान' (donor fatigue) के कारण उन फंडों में भारी कटौती हुई है जो दशकों पुराने युद्धों के अवशेषों को साफ करने के लिए आवंटित किए गए थे।

विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक भू-राजनीति में बदलाव ने पुराने संकटों को हाशिए पर धकेल दिया है। वर्तमान में, यूक्रेन और मध्य पूर्व (विशेषकर गाजा) में चल रहे सक्रिय युद्धों ने दुनिया भर के मानवीय सहायता फंडों को अपनी ओर आकर्षित कर लिया है। इसके परिणामस्वरूप, दक्षिण-पूर्व एशिया और मध्य एशिया के उन देशों को नजरअंदाज किया जा रहा है जहाँ जमीन के नीचे अब भी हजारों घातक विस्फोटक दबे हुए हैं।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल वित्तीय समस्या नहीं है, बल्कि एक मानवीय त्रासदी है। जब डीमिनिंग फंड रुकता है, तो कृषि योग्य भूमि बेकार हो जाती है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्थाएं ध्वस्त हो जाती हैं और गरीबी बढ़ती है। बारूदी सुरंगें केवल युद्ध के समय नहीं, बल्कि युद्ध समाप्त होने के दशकों बाद भी मासूम बच्चों और किसानों की जान लेती रहती हैं।

"जब दुनिया नए युद्धों की ओर देखती है, तो पुराने युद्धों के घाव कभी नहीं भरते, और यही बारूदी सुरंगों के साथ हो रहा है।"

ऐतिहासिक रूप से, एशिया में वियतनाम, कंबोडिया और लाओस जैसे देशों ने बारूदी सुरंगों के कारण भारी कीमत चुकाई है। इन क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने पहले काफी प्रगति की थी, लेकिन अब संसाधनों की कमी के कारण कार्यबल कम हो गया है और आधुनिक उपकरणों की खरीद रुक गई है।

क्षेत्रपिछला फंड स्तरवर्तमान स्थिति
दक्षिण-पूर्व एशियाउच्च (सक्रिय)गिरावट/स्थिर
यूक्रेन/गाजानिम्न (प्रारंभ में)अत्यधिक उच्च

स्थानीय सरकारों के पास इन व्यापक अभियानों को चलाने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं, और वे पूरी तरह से विदेशी सहायता पर निर्भर हैं। यदि फंड की बहाली नहीं हुई, तो आने वाले वर्षों में हताहतों की संख्या में फिर से वृद्धि हो सकती है।

क्या आप जानते हैं?: बारूदी सुरंगें दशकों तक जमीन के नीचे सक्रिय रह सकती हैं और उनके फटने के लिए केवल मामूली हलचल की आवश्यकता होती है।

Frequently Asked Questions

1. 'दाता थकान' (Donor Fatigue) क्या है?
यह वह स्थिति है जब अंतरराष्ट्रीय दाता देश लंबे समय तक चलने वाले संकटों से ऊब जाते हैं या नए, अधिक तात्कालिक संकटों की ओर अपना ध्यान और पैसा मोड़ देते हैं।

p>2. एशिया के कौन से देश सबसे अधिक प्रभावित हैं?
मुख्य रूप से कंबोडिया, लाओस और वियतनाम जैसे देश, जहाँ पिछले युद्धों के अवशेष अभी भी मौजूद हैं।