डोनाल्ड ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल में आव्रजन प्रवर्तन तेज होने के साथ ही भारतीय मूल के दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है, जिससे प्रवासी समुदाय में डर का माहौल है।

  • नई दिल्ली के जन्मजात जैज गिटारवादक प्रीतेश वालिया को हिरासत में लिया गया।
  • नॉर्थ कैरोलिना में रहने वाली ग्रीन कार्ड धारक वेंकट वासामसेट्टी को भी हिरासत में लिया गया।
  • ट्रम्प प्रशासन के तहत निर्वासन (deportation) की प्रक्रियाओं में भारी वृद्धि देखी जा रही है।

अमेरिका में डोनाल्ड ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल के दौरान आव्रजन नियमों को कड़ा करने की नीति के बीच एक चिंताजनक घटनाक्रम सामने आया है। हाल ही में भारतीय मूल के दो व्यक्तियों को अमेरिकी आव्रजन अधिकारियों द्वारा अलग-अलग मामलों में हिरासत में लिया गया है। ये घटनाएँ उन लाखों प्रवासियों के लिए एक चेतावनी की तरह हैं जो अमेरिका में स्थायी निवास की तलाश में हैं या पहले से ही वहां बसे हुए हैं।

पहला मामला प्रीतेश वालिया का है, जो नई दिल्ली में जन्मे एक प्रसिद्ध जैज गिटारवादक और शिक्षक हैं। वालिया ने बताया कि लॉस एंजिल्स लौटने के बाद उन्हें अमेरिकी आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (ICE) द्वारा हिरासत में लिया गया था। उन्होंने 14 दिनों तक हिरासत में रहने के बाद जमानत पर रिहाई प्राप्त की। वालिया के मामले में उनके वीजा की स्थिति और हिरासत का सटीक कारण अभी भी स्पष्ट नहीं है, लेकिन उनका कानूनी मामला अभी भी प्रक्रिया में है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि ट्रम्प प्रशासन की 'जीरो टॉलरेंस' नीति न केवल अवैध प्रवासियों को लक्षित कर रही है, बल्कि कानूनी ग्रीन कार्ड धारकों को भी अत्यधिक जांच के दायरे में ला रही है। यह स्थिति उन भारतीय परिवारों के लिए अनिश्चितता पैदा करती है जो दशकों से अमेरिका में रह रहे हैं।

दूसरा मामला वेंकट वासामसेट्टी का है, जो नॉर्थ कैरोलिना में विशेष आवश्यकता वाले छात्रों के साथ काम करती हैं। वासामसेट्टी के पास 2013 से ग्रीन कार्ड है और वे पिछले 27 वर्षों से अमेरिका में रह रही हैं। उन्हें 11 अगस्त को एक निर्धारित चेक-इन के दौरान हिरासत में लिया गया। उनके वकील का तर्क है कि उन्होंने अपनी स्थायी निवासी स्थिति को कभी नहीं छोड़ा, बल्कि बीमार माता-पिता की देखभाल के लिए भारत की यात्रा की थी।

अमेरिकी आव्रजन नीतियों में यह अचानक बदलाव कानूनी रूप से वैध प्रवासियों के लिए भी एक बड़ा जोखिम बन गया है।

अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा (USCIS) के नियमों के अनुसार, यदि कोई ग्रीन कार्ड धारक 180 दिनों से अधिक समय तक देश से बाहर रहता है, तो उसे पुन: प्रवेश के समय कड़ी जांच का सामना करना पड़ सकता है। वासामसेट्टी के मामले में, एक न्यायाधीश ने पहले ही उनके निष्कासन के मामले को खारिज कर दिया था, फिर भी उन्हें हिरासत में लिया गया, जिससे कानूनी विशेषज्ञों में भारी आक्रोश है।

Historical Background

ऐतिहासिक रूप से, अमेरिकी आव्रजन नीतियां राजनीतिक विचारधाराओं के साथ बदलती रही हैं। हालांकि, ट्रम्प प्रशासन के तहत 'डीपोर्टेशन ड्राइव' ने पिछले दशकों की तुलना में कहीं अधिक आक्रामक रुख अपनाया है। आंकड़ों के अनुसार, 2022 और 2025 के बीच ICE द्वारा 27,800 से अधिक भारतीय नागरिकों को हिरासत में लिया गया है।

Did You Know?: अमेरिकी आव्रजन कानून के तहत, 180 दिनों से अधिक विदेश में रहने पर आपकी 'स्थायी निवास' की मंशा पर सवाल उठाए जा सकते हैं।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या ग्रीन कार्ड धारकों को भी हिरासत में लिया जा सकता है?
हाँ, यदि अधिकारी को संदेह है कि व्यक्ति ने अपनी स्थायी निवास की मंशा खो दी है या वह बहुत लंबे समय तक देश से बाहर रहा है।

प्रश्न 2: ICE का मुख्य कार्य क्या है?
ICE का कार्य सीमा सुरक्षा सुनिश्चित करना और आव्रजन कानूनों का उल्लंघन करने वालों को पहचानना और उन्हें निष्कासित करना है।