पाकिस्तान ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उन दावों को खारिज कर दिया है जिनमें शाहजाद भट्टी नेटवर्क को ISI समर्थित बताया गया था। भारत का दावा है कि स्वतंत्रता दिवस से पहले 14 राज्यों में इस नेटवर्क के 200 से अधिक गुर्गों को गिरफ्तार किया गया है।

  • 14 भारतीय राज्यों में शाहजाद भट्टी नेटवर्क (SBN) के 200 से अधिक operatives गिरफ्तार।
  • भारत का दावा है कि यह नेटवर्क पाकिस्तान की ISI द्वारा वित्त पोषित है और जासूसी व IED हमलों में शामिल है।
  • पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने इन आरोपों को "बेबुनियाद" और ध्यान भटकाने की रणनीति बताया है।

एक बड़े राजनयिक विवाद में, पाकिस्तान ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा शाहजाद भट्टी नेटवर्क (SBN) के संबंध में की गई टिप्पणियों को सिरे से खारिज कर दिया है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब भारत सरकार ने खुलासा किया कि 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह से ठीक पहले एक बड़े सुरक्षा अभियान के तहत पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI द्वारा समर्थित एक आतंकी सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया गया।

सोमवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि 14 राज्यों में समन्वित अभियानों के दौरान इस आतंकी समूह के 200 से अधिक operatives को गिरफ्तार किया गया। भारत सरकार का दावा है कि यह संगठन देश भर में विनाशकारी हमले करने की योजना बना रहा था, जिसे समय रहते नाकाम कर दिया गया।

इन छापेमारी के दौरान बरामद किए गए सबूतों ने इस मामले को और गंभीर बना दिया है। भारतीय अधिकारियों के अनुसार, भारी मात्रा में IED, पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री की मार्किंग वाले ग्रेनेड, पिस्तौल, जिंदा कारतूस और जासूसी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले CCTV कैमरे बरामद किए गए हैं। ये बरामदगी दर्शाती है कि यह समूह पुलिस, रक्षा और धार्मिक स्थलों की रेकी करने के लिए स्थानीय संपर्कों का उपयोग कर रहा था।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia का विश्लेषण बताता है कि यह घटना नई दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच चल रहे नैरेटिव युद्ध में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। SBN को सीधे ISI से जोड़कर, भारत वैश्विक स्तर पर यह संदेश दे रहा है कि पाकिस्तान अभी भी क्षेत्रीय अस्थिरता के लिए गैर-राज्य अभिनेताओं का उपयोग कर रहा है। दूसरी ओर, पाकिस्तान का तत्काल खंडन अंतरराष्ट्रीय दबाव और आतंकी वित्तपोषण से जुड़े प्रतिबंधों से बचने की एक रणनीति है।

फैक्ट्री मार्किंग वाले हथियारों की बरामदगी भारत को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ठोस सबूत पेश करने का मौका देती है, जिससे पाकिस्तान के लिए पूरी तरह से इनकार करना मुश्किल हो जाता है।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) वर्तमान में इस नेटवर्क से जुड़े कई मामलों की जांच कर रही है। SBN के पिछले रिकॉर्ड में मार्च 2025 में पंजाब में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर रोजर संधू के आवास पर ग्रेनेड हमला और हरियाणा में एक महिला पुलिस स्टेशन में विस्फोट जैसी घटनाएं शामिल हैं। अप्रैल 2026 में, NIA ने मास्टरमाइंड शाहजाद भट्टी को भगोड़ा घोषित करते हुए चार्जशीट दाखिल की थी।

पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने इन दावों को "बेबुनियाद" करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत अपनी आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों और घरेलू राजनीतिक मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए पाकिस्तान का सहारा ले रहा है।

क्या आप जानते हैं?: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की स्थापना 2009 में विशेष रूप से राज्य सीमाओं के पार आतंकी अपराधों से निपटने के लिए की गई थी।
पहलू भारत का पक्ष पाकिस्तान का पक्ष
SBN की उत्पत्ति पाकिस्तान स्थित, ISI द्वारा वित्त पोषित किसी भी सरकारी संबंध से इनकार
सबूत पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री के ग्रेनेड आरोपों को बेबुनियाद बताया
उद्देश्य स्वतंत्रता दिवस पर हमले की साजिश भारतीय घरेलू मुद्दों से ध्यान भटकाना

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: शाहजाद भट्टी कौन है?
शाहजाद भट्टी SBN का कथित मास्टरमाइंड है, जिसे भारत के अनुसार ISI का समर्थन प्राप्त है और जो लक्षित हत्याओं और बम विस्फोटों में शामिल है।

प्रश्न 2: SBN की हालिया गतिविधियों का उद्देश्य क्या था?
इस नेटवर्क का उद्देश्य 14 भारतीय राज्यों में समन्वित हमले करना और रक्षा व धार्मिक स्थलों की जासूसी करना था।