अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने उनके संपर्क के प्रयास का 'बहुत सकारात्मक' जवाब दिया है, जबकि उन्होंने दक्षिण कोरिया के साथ सैन्य अभ्यास में कटौती का आदेश दिया है।
- राष्ट्रपति ट्रंप ने पुष्टि की कि किम जोंग उन की प्रतिक्रिया "बहुत सकारात्मक" रही।
- अमेरिका ने दक्षिण कोरिया के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यासों को काफी कम करने का निर्देश दिया है।
- ट्रंप ने ईरान के खिलाफ युद्ध में मदद न करने के लिए दक्षिण कोरिया की कड़ी आलोचना की।
- उत्तर कोरिया ने रूस के साथ अपने सैन्य संबंधों को मजबूत किया है और यूक्रेन युद्ध में सहायता दी है।
एक चौंकाने वाले राजनयिक घटनाक्रम में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को घोषणा की कि उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने बातचीत के उनके हालिया अनुरोध का जवाब दिया है। ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए, ट्रंप ने इस प्रतिक्रिया को "बहुत सकारात्मक" बताया, हालांकि उन्होंने संचार की प्रकृति या भविष्य की बातचीत के एजेंडे के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी।
यह खुलासा उस समय हुआ है जब ट्रंप प्रशासन ने पेंटागन को दक्षिण कोरिया के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यासों को "काफी कम" करने का आदेश दिया है। ट्रंप ने अपने 'ट्रुथ सोशल' प्लेटफॉर्म पर लिखा कि ये वार्षिक अभ्यास न केवल महंगे हैं, बल्कि एक ऐसे देश को "अनुचित और शत्रुतापूर्ण" संकेत भेजते हैं, जिसने उनके राष्ट्रपति रहने के दौरान सम्मानजनक व्यवहार किया है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि यह कदम एक दोहरी रणनीति का हिस्सा है। एक ओर ट्रंप प्योंगयांग के प्रति अपने रुख को नरम करके उस व्यक्तिगत कूटनीति को पुनर्जीवित करना चाहते हैं जो उनके पहले कार्यकाल की पहचान थी। दूसरी ओर, वह दक्षिण कोरियाई सरकार पर दबाव बना रहे हैं ताकि वह मध्य पूर्व, विशेष रूप से ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियानों में सहयोग करे।
वॉशिंगटन और सियोल के बीच तनाव तब बढ़ गया जब ट्रंप ने खुले तौर पर सवाल उठाया कि अमेरिका वहां 39,000 सैनिकों की तैनाती कर रहा है, फिर भी दक्षिण कोरिया ईरान में "एक बहुत ही आसान सैन्य अभियान" में मदद करने से इनकार कर रहा है।
"उत्तर कोरिया संभवतः सही समय का इंतजार कर रहा है, ताकि रूस के साथ अपने नए गठबंधन के कारण वह अधिक मजबूती से बातचीत कर सके।"
2019 में हुए अंतिम ट्रंप-किम शिखर सम्मेलन के बाद से भू-राजनीतिक परिदृश्य पूरी तरह बदल चुका है। उत्तर कोरिया ने रूस के साथ एक मजबूत सैन्य साझेदारी विकसित की है, और उत्तर कोरियाई सैनिक यूक्रेन पर रूसी आक्रमण में सक्रिय रूप से शामिल हैं। रिपोर्टों के अनुसार, जापोरिज़िया में हमलों में उत्तर कोरियाई मिसाइलों का उपयोग किया गया है।
इन सबके बावजूद, ट्रंप किम के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों को लेकर आशावादी हैं। उन्होंने कहा, "किम जोंग उन ने हमेशा मेरे साथ बहुत सम्मानजनक व्यवहार किया है। मैं उन्हें समझता हूँ और वह मुझे समझते हैं।" हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव ईरान युद्ध की विफलताओं से दुनिया का ध्यान हटाने की एक कोशिश भी हो सकती है।
| विशेषता | पहला कार्यकाल (2019 से पहले) | वर्तमान दृष्टिकोण (2026) |
|---|---|---|
| मुख्य तरीका | उच्च-स्तरीय शिखर सम्मेलन | सीधा संपर्क और दबाव |
| उत्तर कोरियाई गठबंधन | अलग-थलग / चीन पर निर्भर | मजबूत रूस-उत्तर कोरिया सैन्य अक्ष |
| दक्षिण कोरिया संबंध | मानक गठबंधन | लेन-देन आधारित / दबावपूर्ण |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न: ट्रंप ने दक्षिण कोरिया के साथ सैन्य अभ्यास क्यों कम किए?
उत्तर: ट्रंप का मानना है कि ये अभ्यास महंगे और शत्रुतापूर्ण हैं, और वह इसका उपयोग दक्षिण कोरिया को ईरान अभियान में मदद करने के लिए मजबूर करने के लिए कर रहे हैं।
प्रश्न: उत्तर कोरिया के वर्तमान अंतरराष्ट्रीय संबंध कैसे हैं?
उत्तर: उत्तर कोरिया ने रूस के साथ अपने सैन्य संबंधों को बहुत मजबूत किया है और यूक्रेन युद्ध में सैनिकों और हथियारों की आपूर्ति कर रहा है।