माल्टा से बर्मिंघम जा रही रयानएयर की एक फ्लाइट में एसी खराब होने के कारण यात्रियों को नरक जैसी स्थिति का सामना करना पड़ा, जिससे कई लोग बेहोश हो गए और कुछ को उल्टी हुई।
- माल्टा से बर्मिंघम जा रही रयानएयर फ्लाइट FR7268 में एयर कंडीशनिंग पूरी तरह विफल रही।
- भीषण गर्मी के कारण यात्री कपड़े उतारने को मजबूर हुए, कई बेहोश हुए और कुछ को उल्टी हुई।
- यात्रियों का आरोप है कि एयरलाइन ने चिकित्सा आपातकाल के दौरान पानी तक उपलब्ध नहीं कराया।
माल्टा से यूनाइटेड किंगडम की यात्रा कर रहे यात्रियों के लिए एक नियमित उड़ान एक डरावने अनुभव में बदल गई। रयानएयर (Ryanair) की फ्लाइट FR7268, जो 10 अगस्त को माल्टा से बर्मिंघम के लिए रवाना होनी थी, तकनीकी खराबी के कारण रनवे पर फंस गई। विमान के भीतर एयर कंडीशनिंग (AC) न होने के कारण केबिन का तापमान इतना बढ़ गया कि यात्री इसे 'पंखों वाला सौना' और 'एयर फ्रायर' बताने लगे।
16 वर्षीय यात्री ईवा ग्रेगरी के अनुसार, यह परेशानी विमान में चढ़ने से पहले ही शुरू हो गई थी। यात्रियों को पहले 30 मिनट तक बिना एसी वाली बस में रखा गया और फिर दूसरी खराब वेंटिलेशन वाली बस में स्थानांतरित किया गया। जब वे अंततः विमान में पहुंचे, तो गर्मी असहनीय थी। ग्रेगरी ने बताया, "विमान में प्रवेश करते ही ऐसा लगा जैसे हम किसी भट्टी में कदम रख रहे हों।"
प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि तकनीशियन बोर्डिंग के दौरान भी एसी ठीक करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन यात्री एक घंटे से अधिक समय तक उस भीषण गर्मी में फंसे रहे। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि लोग गर्मी से बचने के लिए अपने कपड़े उतारने लगे। रिपोर्ट के अनुसार, कम से कम दो यात्री बेहोश हो गए और कई अन्य को मतली और उल्टी की शिकायत हुई।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि यह घटना केवल एक तकनीकी खराबी नहीं है, बल्कि यात्री सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं के प्रति एयरलाइन की लापरवाही को दर्शाती है। रयानएयर अपनी कम लागत वाली रणनीति (Low-cost model) के लिए जानी जाती है, लेकिन जब बात मानव स्वास्थ्य और आपातकालीन प्रोटोकॉल की आती है, तो ऐसी घटनाएं कंपनी की छवि को गंभीर नुकसान पहुँचाती हैं।
विमानन सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ग्राउंड डिले के दौरान केबिन तापमान का प्रबंधन न करना यात्रियों में हीट स्ट्रोक और पैनिक अटैक का कारण बन सकता है।
रयानएयर के प्रवक्ता ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा कि उड़ान में देरी एक 'मामूली तकनीकी समस्या' के कारण हुई थी और बाद में एक यात्री के बीमार होने से देरी और बढ़ गई। एयरलाइन ने दावा किया कि इंजीनियरों द्वारा निरीक्षण के बाद विमान को उड़ान भरने की अनुमति दी गई और फ्लाइट अंततः स्थानीय समयानुसार शाम 7 बजे रवाना हुई।
यह घटना रयानएयर के लिए इस गर्मी के मौसम की पहली बड़ी समस्या नहीं है। इससे पहले 10 जुलाई को ग्रीस से जर्मनी जा रही एक फ्लाइट के इंजन में फैन-ब्लेड फेल होने के कारण केबिन की खिड़की टूट गई थी, जिससे एक यात्री लगभग विमान से बाहर खिंच गया था।
Frequently Asked Questions
1. रयानएयर फ्लाइट में क्या हुआ था?
माल्टा से बर्मिंघम जा रही फ्लाइट में एसी खराब होने के कारण यात्री भीषण गर्मी में फंस गए, जिससे कई लोग बीमार और बेहोश हो गए।
2. एयरलाइन ने इस घटना पर क्या प्रतिक्रिया दी?
रयानएयर ने इसे एक मामूली तकनीकी समस्या बताया और कहा कि सुरक्षा जांच के बाद ही विमान को उड़ान भरने दिया गया।