एक नए रॉयटर्स/इप्सोस पोल के अनुसार, ईरान के साथ बढ़ते युद्ध और पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के कारण डोनाल्ड ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग गिरकर 33% रह गई है, जो उनके presidency का सबसे निचला स्तर है।

  • राष्ट्रपति ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग गिरकर 33% हो गई है, जो उनके कार्यकाल का सबसे निचला स्तर है।
  • 80% अमेरिकियों का मानना है कि अमेरिका-ईरान संघर्ष लंबे समय तक चलेगा।
  • पेट्रोल की बढ़ती कीमतों ने नवंबर के मध्यावधि चुनावों से पहले रिपब्लिकन पार्टी की स्थिति कमजोर कर दी है।
  • एक दशक में पहली बार, मतदाता अर्थव्यवस्था के प्रबंधन के लिए रिपब्लिकन के बजाय डेमोक्रेट्स को प्राथमिकता दे रहे हैं।

जनता की भावनाओं में एक चौंकाने वाले बदलाव के साथ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग गिरकर 33 प्रतिशत रह गई है। रॉयटर्स/इप्सोस द्वारा किए गए एक विस्तृत सर्वेक्षण के अनुसार, 64 प्रतिशत अमेरिकी अब व्हाइट हाउस में उनके प्रदर्शन को नापसंद करते हैं। यह गिरावट केवल एक सांख्यिकीय आंकड़ा नहीं है, बल्कि प्रशासन की विदेश नीति और अमेरिकी नागरिकों की जेब पर इसके सीधे प्रभाव को लेकर गहरी चिंता को दर्शाती है।

इस गिरावट का मुख्य कारण ईरान के साथ चल रहा सैन्य संघर्ष है। 2025 में सत्ता में लौटने के बाद, ट्रंप ने इजरायल के साथ मिलकर ईरान पर हमले के आदेश दिए थे। हालांकि प्रशासन ने शुरू में दावा किया था कि यह संघर्ष कुछ हफ्तों में समाप्त हो जाएगा, लेकिन वास्तविकता इसके विपरीत रही। ईरान के प्रतिरोध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तेल व्यापार बाधित हुआ है, जिससे वैश्विक तेल व्यापार का पांचवां हिस्सा ठप हो गया और अमेरिका में पेट्रोल की कीमतें आसमान छूने लगीं।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल एक विदेश नीति की विफलता नहीं है, बल्कि एक राजनीतिक संकट है। ट्रंप ने महंगाई को नियंत्रित करने और लंबे युद्धों से बचने का वादा किया था। लेकिन एक लंबे संघर्ष और ऊर्जा लागत में वृद्धि का नेतृत्व करके, उन्होंने एक विरोधाभासी स्थिति पैदा कर दी है। आर्थिक प्रभाव सीधे तौर पर प्रतिनिधि सभा (House of Representatives) में रिपब्लिकन पार्टी के बहुमत को खतरे में डाल रहा है।

मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक अस्थिरता और घरेलू मुद्रास्फीति का मिलन एक ऐसा 'परफेक्ट स्टॉर्म' बना रहा है जो आगामी मध्यावधि चुनावों में अमेरिकी विधायी परिदृश्य को बदल सकता है।

सर्वेक्षण के आंकड़े युद्ध की अवधि पर एक दुर्लभ द्वि-पक्षीय सहमति दिखाते हैं। 80 प्रतिशत अमेरिकी—जिसमें 71 प्रतिशत रिपब्लिकन शामिल हैं—का मानना है कि ईरान में अमेरिकी हस्तक्षेप लंबे समय तक चलेगा। केवल 16 प्रतिशत लोगों को लगता है कि इसका जल्द समाधान संभव है। केवल 20 प्रतिशत अमेरिकियों का मानना है कि यह युद्ध सार्थक रहा है, जबकि ट्रंप ने इसे ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के लिए आवश्यक बताया है।

इसके अलावा, रिपब्लिकन पार्टी की पकड़ अन्य प्रमुख मुद्दों पर भी ढीली हो रही है। लगभग दस वर्षों में पहली बार, मतदाता अर्थव्यवस्था के बेहतर प्रबंधन के लिए रिपब्लिकन (35%) के बजाय डेमोक्रेट्स (38%) को पसंद कर रहे हैं। यहां तक कि आप्रवासन (Immigration) जैसे मुद्दे पर, जहां रिपब्लिकन पहले बहुत मजबूत थे, अब उनकी बढ़त घटकर मात्र 2 प्रतिशत रह गई है।

पैमाना जनवरी 2025 अगस्त 2026
आप्रवासन नीति बढ़त (R बनाम D) +26 अंक +2 अंक
आर्थिक प्राथमिकता रिपब्लिकन बढ़त डेमोक्रेटिक बढ़त (38% बनाम 35%)
लोकप्रियता स्तर मध्यम/उच्च 33% (सबसे निचला स्तर)
क्या आप जानते हैं?: होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल पारगमन बिंदु है, जिससे दुनिया की कुल तेल खपत का लगभग 20% हिस्सा प्रतिदिन गुजरता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न: ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग इतनी तेजी से क्यों गिरी?
उत्तर: मुख्य कारण ईरान के साथ लंबा युद्ध और उसके परिणामस्वरूप पेट्रोल की कीमतों में हुई भारी वृद्धि है।

प्रश्न: इसका आगामी अमेरिकी चुनावों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर: रिपब्लिकन पार्टी को प्रतिनिधि सभा में अपना बहुमत खोने का डर है, जबकि डेमोक्रेट्स आर्थिक असंतोष का लाभ उठाकर सीनेट पर नियंत्रण पाने की कोशिश कर रहे हैं।