पूर्व अमेरिकी कांग्रेस सदस्य मार्जोरी टेलर ग्रीन के दावों के बाद अमेरिका के B61 टैक्टिकल परमाणु हथियारों पर बहस छिड़ गई है। यह विवाद ईरान के परमाणु ठिकानों को नष्ट करने और संभावित परमाणु प्रलय की आशंकाओं के बीच बढ़ा है।
- अमेरिका के B61 परमाणु बमों के उपयोग पर उच्च-स्तरीय रणनीतिक चर्चाओं के दावे।
- ईरान के फोर्डो और नतांज़ जैसे गहरे बंकरों को नष्ट करने के लिए टैक्टिकल न्यूक्स का विकल्प।
- B61-13 वेरिएंट की नई क्षमताएं और B-21 रेडर बॉम्बर के साथ इसका एकीकरण।
हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिनों के समझौता ज्ञापन (MoU) की समय सीमा समाप्त होने से पहले, पूर्व अमेरिकी कांग्रेस सदस्य मार्जोरी टेलर ग्रीन ने एक चौंकाने वाला दावा किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि अमेरिका में उच्च-स्तरीय बैठकें चल रही हैं जिनमें ईरान के खिलाफ परमाणु हथियारों के संभावित उपयोग पर चर्चा की जा रही है। हालांकि उन्होंने कोई ठोस सबूत नहीं दिए, लेकिन उन्होंने इसे 'शुद्ध बुराई' बताते हुए परमाणु प्रलय (Nuclear Holocaust) की चेतावनी दी है।
यह तनाव तब और बढ़ गया जब पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बार-बार दोहराया कि अमेरिका का प्राथमिक लक्ष्य ईरान को परमाणु हथियार प्राप्त करने से रोकना है। ट्रंप ने ईरान से 'सफेद झंडा' लहराकर आत्मसमर्पण करने की मांग की है, जिससे क्षेत्र में युद्ध की संभावनाएं प्रबल हो गई हैं।
ऑपरेशन मिडनाइट हैमर और इसकी विफलता
पिछले साल 22 जून को, अमेरिका ने 'ऑपरेशन मिडनाइट हैमर' के तहत ईरान की परमाणु क्षमताओं को नष्ट करने का प्रयास किया था। अमेरिकी B-2 विमानों ने इस्फहान, नतांज़ और गहराई में दबे फोर्डो कॉम्प्लेक्स पर हमला किया। इस दौरान 14 टन के GBU-57 मैसिव ऑर्डनेंस पेनिट्रेटर्स (MOP) का उपयोग किया गया, जो अमेरिका के सबसे बड़े गैर-परमाणु हथियार हैं। हालांकि, IAEA और अमेरिकी रणनीतिक समुदाय के आकलन के अनुसार, ये हमले प्रभावी तो थे लेकिन ठिकानों को पूरी तरह नष्ट करने में विफल रहे।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि जब पारंपरिक 'बंकर बस्टर' बम विफल हो जाते हैं, तो सैन्य रणनीतिकार 'टैक्टिकल न्यूक्स' की ओर देखते हैं। रणनीतिक हथियारों के विपरीत, जो पूरे शहरों को तबाह कर देते हैं, टैक्टिकल न्यूक्स का उपयोग विशिष्ट युद्धक्षेत्र लक्ष्यों के लिए किया जाता है। ईरान के परमाणु ठिकाने इतने गहरे हैं कि उन्हें नष्ट करने के लिए B61 जैसे 'डायल-ए-यील्ड' हथियारों की आवश्यकता हो सकती है।
टैक्टिकल परमाणु हथियारों का आकर्षण सैन्य कमांडरों को अधिक आक्रामक व्यवहार के लिए उकसा सकता है, जिससे अनजाने में वैश्विक परमाणु युद्ध की शुरुआत हो सकती है।
B61 परमाणु बम: क्षमता और वेरिएंट
यदि अमेरिका ईरान के खिलाफ परमाणु विकल्प चुनता है, तो B61 थर्मोन्यूक्लियर बम पहली पसंद होगा। 1963 से सेवा में यह एक 'ग्रेविटी बम' है, जिसका अर्थ है कि यह सीधे लक्ष्य पर गिरता है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता इसका 'वेरिएबल यील्ड' (0.3 KT से 400 KT) है, जिसे लक्ष्य के अनुसार प्रोग्राम किया जा सकता है।
| वेरिएंट | उपयोगकर्ता विमान | मुख्य विशेषता |
|---|---|---|
| B61-12 | F-35, F-16 | यूरोप में तैनात, नाटो शेयरिंग प्रोग्राम का हिस्सा। |
| B61-13 | B-21 Raider | गहरे बंकरों के लिए उच्च सटीकता और प्रभावशीलता। |
विशेषज्ञों का मानना है कि B61-13 का 'ग्राउंड-शॉक कपलिंग' प्रभाव इसे भूमिगत ठिकानों के खिलाफ अत्यधिक घातक बनाता है। चूंकि ईरान के अधिकांश परमाणु स्थल रिमोट इलाकों में हैं, इसलिए अमेरिका को लगता है कि इससे नागरिक हताहतों की संख्या कम रहेगी, लेकिन यह वैश्विक स्तर पर एक खतरनाक मिसाल कायम करेगा।
Frequently Asked Questions
1. टैक्टिकल न्यूक्स और रणनीतिक न्यूक्स में क्या अंतर है?
रणनीतिक हथियार पूरे शहरों को नष्ट करने के लिए होते हैं, जबकि टैक्टिकल हथियार छोटे, विशिष्ट सैन्य लक्ष्यों (जैसे बंकर) के लिए डिज़ाइन किए जाते हैं।
2. B61-13 बम की क्या खासियत है?
यह नया वेरिएंट B-21 रेडर बॉम्बर द्वारा ले जाया जाता है और गहरे भूमिगत सैन्य लक्ष्यों को नष्ट करने में सक्षम है।