बांग्लादेश में 35 वर्षों के बाद संसद में सीधे राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान होने जा रहा है, जिसमें BNP के मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर का पलड़ा भारी दिख रहा है।
- 35 साल बाद पहली बार संसद में सीधे राष्ट्रपति के लिए मतदान।
- मुख्य मुकाबला BNP के मिर्जा फखरुल और कर्नल (रिटायर्ड) ओली अहमद के बीच।
- BNP के पास संसद में दो-तिहाई बहुमत, जिससे फखरुल की जीत लगभग तय।
- नए राष्ट्रपति शुक्रवार को बंगभवन में शपथ लेंगे।
ढाका: बांग्लादेश के राजनीतिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ आने वाला है। गुरुवार को देश के नए राष्ट्रपति को चुनने के लिए जातीय संसद में मतदान होगा। यह घटनाक्रम इसलिए भी विशेष है क्योंकि पिछले 35 वर्षों में पहली बार राष्ट्रपति पद के लिए सीधे संसद के भीतर मतदान की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
इस चुनावी मुकाबले में मुख्य प्रतिद्वंद्वी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के दिग्गज नेता और अर्थशास्त्री मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर हैं। उनके खिलाफ 11-दलीय विपक्षी गठबंधन के उम्मीदवार कर्नल (रिटायर्ड) ओली अहमद मैदान में हैं। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदान दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा।
क्यों महत्वपूर्ण है यह चुनाव?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह चुनाव केवल एक व्यक्ति का चयन नहीं है, बल्कि यह बांग्लादेश की नई राजनीतिक दिशा को भी निर्धारित करेगा। पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन के स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफे के बाद यह पद खाली हुआ था। संविधान के अनुसार, पद खाली होने के 90 दिनों के भीतर चुनाव कराना अनिवार्य था, जिसे अब पूरा किया जा रहा है।
बांग्लादेश में सत्ता का यह हस्तांतरण देश की लोकतांत्रिक स्थिरता के लिए एक परीक्षण साबित होगा।
मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर की स्थिति बेहद मजबूत है। फरवरी में हुए आम चुनावों के बाद, BNP के पास संसद में दो-तिहाई से अधिक का बहुमत है। प्रधानमंत्री तारिक रहमान द्वारा समर्थित फखरुल की जीत को लगभग तय माना जा रहा है। बुधवार को एक भावुक बैठक के दौरान, फखरुल ने अपने सांसदों से समर्थन मांगा और देश की संप्रभुता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
बांग्लादेश में राष्ट्रपति पद का इतिहास काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। पिछले तीन दशकों में विभिन्न राजनीतिक बदलावों के बीच, राष्ट्रपति की भूमिका अक्सर शक्ति संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण रही है। 35 साल बाद संसद में हो रहा यह सीधा मतदान विधायी प्रक्रिया में एक नई पारदर्शिता लाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
Frequently Asked Questions
1. मतदान का समय क्या है?
मतदान दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक जातीय संसद में किया जाएगा।
2. नए राष्ट्रपति कब शपथ लेंगे?
चुनाव के परिणामों के तुरंत बाद, नए राष्ट्रपति शुक्रवार को शपथ ग्रहण करेंगे।