भारत की अध्यक्षता में BRICS ने एक ऐसे भविष्य का खाका तैयार किया है जहाँ विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चलेंगे। मिशन LiFE और सर्कुलर इकोनॉमी जैसे सिद्धांतों के माध्यम से वैश्विक दक्षिण (Global South) की आवाज़ को मज़बूत किया जा रहा है।

  • BRICS देश वैश्विक आबादी का 49.5% और वैश्विक जीडीपी का लगभग 40% हिस्सा हैं।
  • भारत की अध्यक्षता में चार प्रमुख पर्यावरणीय प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित किया गया।
  • मिशन LiFE और 'एक पेड़ माँ के नाम' जैसे अभियानों को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा।
  • सर्कुलर इकोनॉमी और सामुदायिक अनुकूलन (Community Adaptation) पर विशेष ज़ोर।

नई दिल्ली में आयोजित 12वें BRICS पर्यावरण मंत्रियों की बैठक के दौरान, भारत ने एक ऐसे वैश्विक भविष्य का नेतृत्व किया जो केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि जिसमें मानवता और पर्यावरण को केंद्र में रखा गया है। भारत की अध्यक्षता में, BRICS ने यह सिद्ध किया है कि विकास और पर्यावरणीय उत्तरदायित्व एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हो सकते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, भारत ने 'मिशन LiFE' (पर्यावरण के लिए जीवनशैली) और 'एक पेड़ माँ के नाम' जैसे अभियानों के माध्यम से पारिस्थितिक बहाली और जनभागीदारी के महत्व को दुनिया के सामने रखा है। ये पहल दर्शाती हैं कि कैसे जलवायु कार्रवाई, जैव विविधता संरक्षण और आजीविका में सुधार को एक एकीकृत दृष्टिकोण के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि BRICS की यह नई दिशा वैश्विक भू-राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है। चूंकि BRICS देश दुनिया की लगभग आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं, इसलिए उनके द्वारा अपनाए गए पर्यावरणीय मानक भविष्य में वैश्विक जलवायु नीतियों को आकार देंगे। यह 'ग्लोबल साउथ' की उन चिंताओं को संबोधित करता है जिन्हें अक्सर विकसित राष्ट्रों द्वारा अनदेखा कर दिया जाता है।

BRICS का यह दृष्टिकोण विकासशील देशों के लिए एक ब्लूप्रिंट है, जो आर्थिक प्रगति के साथ-साथ प्रकृति के साथ तालमेल बिठाने की क्षमता रखता है।

भारत के नेतृत्व में BRICS पर्यावरण कार्य समूह ने चार मुख्य स्तंभों पर ध्यान केंद्रित किया है: सतत जीवनशैली, वनीकरण और आपदा प्रबंधन, सर्कुलर इकोनॉमी, और जलवायु अनुकूलन। विशेष रूप से, सर्कुलर इकोनॉमी के माध्यम से 'लो-वेस्ट' मॉडल को बढ़ावा देने और पारंपरिक एवं स्वदेशी ज्ञान को आधुनिक विज्ञान के साथ जोड़ने पर ज़ोर दिया गया है।

भारत की उपलब्धियां भी इस विजन को मजबूती देती हैं। भारत ने 2005 से 2022 के बीच अपनी अर्थव्यवस्था की उत्सर्जन तीव्रता (emissions intensity) में 37.38% की कमी की है, जबकि गैर-जीवाश्म ऊर्जा स्रोतों ने स्थापित बिजली क्षमता का 54.18% हिस्सा कवर किया है। यह दर्शाता है कि भारत न केवल लक्ष्य निर्धारित कर रहा है, बल्कि उन्हें प्राप्त भी कर रहा है।

Did You Know?: BRICS देश वैश्विक अंतर्राष्ट्रीय व्यापार का लगभग 26 प्रतिशत हिस्सा नियंत्रित करते हैं, जो उन्हें वैश्विक आर्थिक नीतियों को प्रभावित करने की अभूतपूर्व शक्ति देता है।

Frequently Asked Questions

1. BRICS के पर्यावरण कार्य समूह की मुख्य प्राथमिकताएं क्या हैं?
मुख्य प्राथमिकताएं सतत जीवनशैली को बढ़ावा देना, वनीकरण और आपदा लचीलापन, सर्कुलर इकोनॉमी को अपनाना और समुदाय-आधारित जलवायु अनुकूलन हैं।

2. 'मिशन LiFE' क्या है?
यह प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू किया गया एक वैश्विक आंदोलन है जो पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली अपनाने और व्यक्तिगत व्यवहार में बदलाव लाने पर केंद्रित है।