फिलिस्तीनी राजदूत अब्दुल्ला मोहम्मद अबू शावेश ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की दावेदारी का समर्थन किया है और गाजा के संकटपूर्ण स्वास्थ्य क्षेत्र को बचाने के लिए भारत की भूमिका की अपील की है।

  • फिलिस्तीन ने 2028-2029 के लिए भारत की UNSC गैर-स्थायी सीट की दावेदारी का समर्थन किया।
  • भारत वेस्ट बैंक में एक नया अस्पताल और व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र बनाने में मदद कर रहा है।
  • गाजा के गिरते स्वास्थ्य ढांचे को देखते हुए भारत से मध्यस्थता की अपील की गई है।

नई दिल्ली: फिलिस्तीनी राजदूत अब्दुल्ला मोहम्मद अबू शावेश ने बुधवार को भारत के बढ़ते वैश्विक कद की सराहना करते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत की गैर-स्थायी सदस्यता के लिए अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त किया। एक महत्वपूर्ण मीडिया ब्रीफिंग के दौरान, राजदूत ने कहा कि फिलिस्तीन जैसे देश संयुक्त राष्ट्र सुधारों के लिए भारत की स्थायी सदस्यता के हकदार मानते हैं।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और फिलिस्तीन वेस्ट बैंक में एक नए अस्पताल के निर्माण के लिए सहयोग को अंतिम रूप दे रहे हैं। भारत न केवल स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे, बल्कि व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्रों और गाजा में दिव्यांगों के लिए कृत्रिम अंगों की आपूर्ति जैसे महत्वपूर्ण मानवीय कार्यों में भी सहायता प्रदान कर रहा है।

क्यों यह महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भारत की 'रणनीतिक स्वायत्तता' उसे एक अद्वितीय स्थिति में रखती है। भारत के पास इजरायल के साथ मजबूत संबंध हैं और साथ ही वह फिलिस्तीन के प्रति एक दीर्घकालिक ऐतिहासिक समर्थन का भी प्रतीक है। यह द्वंद्व भारत को गाजा में शांति प्रक्रिया के लिए एक विश्वसनीय मध्यस्थ के रूप में उभरने का अवसर देता है।

भारत का प्रभाव और इजरायल के साथ उसके संबंध गाजा में शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण बन सकते हैं।

हाल ही में भारतीय राजनयिक श्रीप्रिया रंगनाथन की रामल्लाह यात्रा ने दोनों देशों के बीच संबंधों को नई मजबूती दी है। उन्होंने गाजा की गंभीर मानवीय स्थिति पर चिंता व्यक्त की और नागरिकों के लिए निर्बाध मानवीय सहायता की आवश्यकता पर जोर दिया। भारत ने स्पष्ट रूप से 'दो-राज्य समाधान' (Two-State Solution) के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।

राजदूत शावेश ने गाजा में इजरायली घरेलू राजनीति के प्रभाव पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इजरायली संसदीय चुनावों के कारण फिलिस्तीनी नागरिक एक बार फिर राजनीतिक अस्थिरता की कीमत चुका रहे हैं। उन्होंने चरमपंथी बसने वालों (settlers) द्वारा फिलिस्तीनियों को उनके मूल स्थानों से बेदखल करने के प्रयासों की भी निंदा की।

Did You Know?: भारत ने दशकों से फिलिस्तीनी लोगों के विकास के लिए बुनियादी ढांचे, शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में निरंतर सहायता प्रदान की है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: भारत UNSC में किस अवधि के लिए सीट चाहता है?
उत्तर: भारत 2028-2029 की अवधि के लिए UNSC की गैर-स्थायी सीट के लिए अपना अभियान चला रहा है।

प्रश्न 2: भारत गाजा में किस प्रकार की मानवीय सहायता प्रदान कर रहा है?
उत्तर: भारत चिकित्सा उपकरण, डायलिसिस मशीनें और कृत्रिम अंग जैसी सहायता प्रदान करने पर चर्चा कर रहा है।