पेंटागन द्वारा लीक किए गए दस्तावेजों से पता चला है कि अमेरिका अपने नाटो सहयोगियों से उनकी राजनीतिक वफादारी और अमेरिकी विदेश नीति के प्रति उनके समर्थन पर तीखे सवाल पूछ रहा है। यह घटनाक्रम ट्रांसअटलांटिक गठबंधन के भविष्य को लेकर अनिश्चितता पैदा कर सकता है।

  • पेंटागन ने नाटो सहयोगियों के लिए एक विस्तृत प्रश्नावली तैयार की है।
  • सवाल मुख्य रूप से राष्ट्रपति ट्रंप की नीतियों और अमेरिकी विदेश नीति के प्रति वफादारी पर केंद्रित हैं।
  • दस्तावेजों में सैन्य अड्डों तक पहुंच और रक्षा खर्च बढ़ाने जैसे मुद्दों को शामिल किया गया है।

अल् जजीरा द्वारा विशेष रूप से प्राप्त किए गए दस्तावेजों से पता चला है कि पेंटागन ने नाटो (NATO) सहयोगियों को एक लंबी सूची सौंप दी है, जिसमें यह जांचा जा रहा है कि क्या वे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ट्रांसअटलांटिक गठबंधन के दृष्टिकोण का पालन कर रहे हैं। यह प्रश्नावली सीधे तौर पर पूछती है कि क्या सहयोगी देश "अमेरिकी विदेश नीति प्राथमिकताओं का सार्वजनिक रूप से समर्थन" कर रहे हैं।

वफादारी बनाम रणनीतिक स्वायत्तता

लीक हुए तीन पन्नों के इस दस्तावेज, जिसका शीर्षक "नाटो सहयोगियों और अन्य प्रमुख हितधारकों के लिए प्रश्न" है, में अत्यंत राजनीतिक सवाल शामिल हैं। इसमें यह भी पूछा गया है कि क्या देशों ने अमेरिकी दृष्टिकोण के साथ तालमेल दिखाया है, जो रक्षा सचिव पीट हेगसेथ द्वारा इस्तेमाल किए गए शब्दों "मजबूत, स्पष्ट और शांत" पर आधारित है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रश्नावली अमेरिकी अधिकारियों और उनके नाटो समकक्षों के बीच होने वाली बातचीत को निर्देशित करने के लिए बनाई गई है।

एक अन्य विवादित बिंदु सैन्य अड्डों और हवाई क्षेत्र तक अमेरिकी पहुंच से संबंधित है। ईरान के खिलाफ युद्ध के संदर्भ में, कई यूरोपीय देशों ने अमेरिकी विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध लगा दिया था। प्रश्नावली में स्पष्ट रूप से पूछा गया है, "क्या वे ऐसे प्रतिबंधों को कम करने या समाप्त करने के लिए तैयार हैं?"

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह कदम नाटो के पारंपरिक ढांचे को बदल सकता है। यह केवल सैन्य सहयोग का मामला नहीं है, बल्कि अमेरिकी प्रशासन द्वारा सहयोगियों को अपनी शर्तों पर लाने का एक प्रयास है। यदि सहयोगी देश अमेरिका की मांगों को पूरा नहीं करते हैं, तो इससे गठबंधन के भीतर गहरा तनाव पैदा हो सकता है।

"यह प्रशासन नाटो के विषयों को अमेरिका के एकतरफा सैन्य अभियानों के साथ भ्रमित कर रहा है," एक वरिष्ठ नाटो अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा।

दस्तावेजों में ट्रंप के "NATO 3.0" अवधारणा का भी उल्लेख है, जो यूरोपीय सहयोगियों से अपनी रक्षा की अधिक जिम्मेदारी लेने और अमेरिकी समर्थन को सीमित करने की मांग करता है। इसमें रक्षा बजट को सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 5 प्रतिशत तक बढ़ाने पर जोर दिया गया है, जिसके लिए स्पेन जैसे देशों को पहले ही आलोचना का सामना करना पड़ा है।

Did You Know?: नाटो (NATO) एक सामूहिक रक्षा गठबंधन है, लेकिन अमेरिका अक्सर इसका उपयोग अपनी व्यक्तिगत वैश्विक रणनीतियों को लागू करने के लिए करता है।

Frequently Asked Questions

1. पेंटागन सहयोगियों से क्या पूछ रहा है?
पेंटागन यह जानना चाहता है कि क्या नाटो देश अमेरिकी विदेश नीति और राष्ट्रपति ट्रंप के रक्षा दृष्टिकोण के प्रति वफादार हैं।

2. 'NATO 3.0' क्या है?
यह ट्रंप प्रशासन का एक विचार है जिसमें यूरोपीय देशों को अपनी सुरक्षा का खर्च स्वयं उठाने और अमेरिका पर निर्भरता कम करने के लिए कहा गया है।