यूक्रेन के पूर्व रक्षा मंत्री मिखाइलो फेडोरोव ने युद्ध के बीच लोकतांत्रिक चुनाव कराने की मांग करते हुए राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की की सरकार को बड़ी चुनौती दी है। फेडोरोव ने शासन में प्रणालीगत संकट और भ्रष्टाचार का मुद्दा भी उठाया है।
- मिखाइलो फेडोरोव ने युद्ध के बावजूद राष्ट्रपति चुनाव कराने की वकालत की।
- उन्होंने यूक्रेन में 'शासन के प्रणालीगत संकट' और भ्रष्टाचार की ओर इशारा किया।
- फेडोरोव की बर्खास्तगी से देश भर में विरोध प्रदर्शन हुए थे।
यूक्रेन के पूर्व रक्षा मंत्री, मिखाइलो फेडोरोव ने एक यूट्यूब वीडियो के माध्यम से युद्ध के दौरान चुनावों के आयोजन का आह्वान किया है। इस कदम को राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की के नेतृत्व के खिलाफ सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक माना जा रहा है। फेडोरोव ने स्पष्ट शब्दों में कहा, "लोकतंत्र को रूस द्वारा बंधक नहीं बनाया जा सकता," और जोर देकर कहा कि यूक्रेन एक स्वतंत्र यूरोपीय राज्य बने रहने के लिए लड़ रहा है।
पृष्ठभूमि और राजनीतिक तनाव
फरवरी 2022 में रूस के आक्रमण के बाद से यूक्रेन में मार्शल कानून लागू है, जिसके तहत चुनाव स्थगित कर दिए गए हैं। फेडोरोव, जिन्हें जुलाई के अंत में अचानक रक्षा मंत्री के पद से हटा दिया गया था, ने अपने वीडियो में ज़ेलेंस्की का नाम तो नहीं लिया, लेकिन उन्होंने यूक्रेन में व्याप्त "शासन के प्रणालीगत संकट" की बात की। उनकी बर्खास्तगी ने देश भर में व्यापक विरोध प्रदर्शनों को जन्म दिया था।
फेडोरोव के कार्यकाल के दौरान, उन्हें मंत्रालय में ऊर्जा भरने, भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चलाने और युद्ध के मोर्चे पर डेटा-संचालित सुधार लाने के लिए जाना जाता था। विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी बर्खास्तगी का मुख्य कारण सेना प्रमुख ऑलेक्सांद्र सिरस्की के साथ उनके मतभेद थे।
तकनीकी युद्ध में फेडोरोव का योगदान
फेडोरोव केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि एक तकनीकी दूरदर्शी भी रहे हैं। उन्होंने "IT आर्मी ऑफ यूक्रेन" की स्थापना की और "आर्मी ऑफ ड्रोन्स" जैसे सफल अभियान चलाए। उन्होंने युद्ध में 'गेमिफिकेशन' (gamification) को शामिल किया, जिससे सैन्य इकाइयों को रूसी लक्ष्यों को भेदने के लिए प्रोत्साहन मिलता था। उन्होंने एलन मस्क से भी संपर्क किया ताकि रूस द्वारा स्टारलिंक उपग्रहों के दुरुपयोग को रोका जा सके।
फेडोरोव का आह्वान यूक्रेन के भीतर लोकतंत्र और सैन्य नेतृत्व के बीच बढ़ते वैचारिक मतभेद को दर्शाता है।
BozokMedia विश्लेषण
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि फेडोरोव का यह कदम केवल चुनाव की मांग नहीं है, बल्कि यह यूक्रेन के भीतर सत्ता के केंद्रीकरण और शासन व्यवस्था में सुधार की एक गहरी पुकार है। यदि ज़ेलेंस्की इस चुनौती का प्रभावी ढंग से समाधान नहीं करते हैं, तो यह आंतरिक राजनीतिक अस्थिरता पैदा कर सकता है।
Frequently Asked Questions
1. यूक्रेन में चुनाव क्यों नहीं हो रहे हैं?
रूस के आक्रमण के बाद से यूक्रेन में मार्शल कानून लागू है, जिसके तहत संवैधानिक रूप से चुनाव स्थगित कर दिए गए हैं।
2. फेडोरोव को क्यों हटाया गया?
हालांकि आधिकारिक कारण स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन माना जाता है कि यह सेना प्रमुख के साथ उनके मतभेदों का परिणाम था।