जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने 1996 की गंगा जल संधि के नवीनीकरण का विरोध किया है। उनका तर्क है कि मौजूदा संधि पिछले 30 वर्षों से बिहार के हितों को नुकसान पहुंचा रही है।
- 1996 की गंगा जल संधि 31 दिसंबर, 2026 को समाप्त हो रही है।
- जेडीयू नेता संजय झा ने कहा कि संधि का नवीनीकरण बिहार के लिए हानिकारक होगा।
- भारत और बांग्लादेश के बीच संधि के नवीनीकरण पर अंतिम दौर की बातचीत अभी बाकी है।
जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और पूर्व जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा ने भारत-बांग्लादेश गंगा जल संधि के नवीनीकरण को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस संधि का मौजूदा स्वरूप में नवीनीकरण किया जाता है, तो यह बिहार के हितों के साथ गंभीर समझौता होगा।
संजय झा ने पिछले तीन दशकों के डेटा का हवाला देते हुए कहा कि संधि लागू होने के बाद से बिहार के जल संसाधनों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हालांकि यह संधि अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में भारत के लिए एक सकारात्मक संदेश हो सकती है, लेकिन घरेलू स्तर पर, विशेषकर बिहार के किसानों और जल प्रबंधन के लिए, यह नुकसानदेह रही है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि गंगा जल का बंटवारा केवल एक कूटनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि यह उत्तर भारत की कृषि अर्थव्यवस्था की जीवन रेखा है। यदि बिहार के हितों की अनदेखी की जाती है, तो यह राज्य में जल संकट और राजनीतिक अस्थिरता को जन्म दे सकता है।
'यदि दो देशों के बीच राजनयिक मुद्दों को सुलझाना है, तो बिहार के हितों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।' - संजय झा
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
गंगा जल संधि पर 12 दिसंबर, 1996 को हस्ताक्षर किए गए थे। यह संधि उस समय हुई थी जब बांग्लादेश में शेख हसीना के नेतृत्व वाली আওয়ামী लीग सत्ता में आई थी। यह संधि 31 दिसंबर, 2026 को समाप्त होने वाली है, जिसके बाद इसके नवीनीकरण पर दोनों देशों के बीच गहन चर्चा होनी है।
वर्तमान में भारत और बांग्लादेश के बीच राजनीतिक माहौल भी काफी संवेदनशील है। बांग्लादेश की नई सरकार के गठन और राजनीतिक परिवर्तनों के बाद, जल बंटवारे जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत की गति प्रभावित हुई है। हालांकि, हाल ही में बांग्लादेश के अधिकारियों ने कोलकाता में संयुक्त नदी आयोग की बैठक में भाग लिया था।
Frequently Asked Questions
1. गंगा जल संधि कब समाप्त हो रही है?
यह संधि 31 दिसंबर, 2026 को समाप्त होने वाली है।
2. संजय झा का मुख्य विरोध क्या है?
उनका कहना है कि संधि का वर्तमान स्वरूप बिहार के जल अधिकारों और हितों को नुकसान पहुंचाता है।