1976 के गुटनिरपेक्ष शिखर सम्मेलन में सूचना के क्षेत्र में नए अंतरराष्ट्रीय क्रम की वकालत की गई। गैर-aligned देशों ने सूचना के प्रवाह पर पश्चिमी प्रभुत्व को चुनौती देने के लिए एक साझा प्रेस एजेंसी पूल बनाने का निर्णय लिया।
- गुटनिरपेक्ष देशों ने सूचना के क्षेत्र में 'नए अंतरराष्ट्रीय क्रम' की आवश्यकता पर बल दिया।
- औपनिवेशिक विरासत के कारण विकसित और विकासशील देशों के बीच संचार अंतराल को कम करने का लक्ष्य।
- एक साझा 'प्रेस एजेंसी पूल' के माध्यम से सूचना की निर्भरता को समाप्त करने का प्रस्ताव।
कोलंबो, अगस्त 1976: पांचवें गुटनिरपेक्ष शिखर सम्मेलन ने नई दिल्ली सम्मेलन के उस महत्वपूर्ण निर्णय का स्वागत किया है, जिसमें गैर-aligned देशों के लिए एक 'प्रेस एजेंसी पूल' बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। शिखर सम्मेलन ने इस योजना के शीघ्र कार्यान्वयन का आग्रह किया है, ताकि सूचना के प्रवाह पर वैश्विक नियंत्रण को संतुलित किया जा सके।
शिखर सम्मेलन द्वारा जारी राजनीतिक घोषणा में स्पष्ट किया गया कि सूचना और जनसंचार के क्षेत्र में एक 'नया अंतरराष्ट्रीय क्रम' स्थापित करना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि एक 'नया अंतरराष्ट्रीय आर्थिक क्रम' बनाना। यह घोषणा इस बात को रेखांकित करती है कि आर्थिक स्वतंत्रता के बिना सूचनात्मक स्वतंत्रता अधूरी है।
सूचनात्मक उपनिवेशवाद की चुनौती
गुटनिरपेक्ष देशों ने इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की कि विकसित देशों और गैर-aligned देशों के बीच संचार क्षमताओं का अंतर लगातार बढ़ रहा है। यह अंतर उनके औपनिवेशिक अतीत की एक दुखद विरासत है। घोषणा के अनुसार, इस असमानता ने एक ऐसी स्थिति पैदा कर दी है जहाँ अधिकांश देश केवल 'पक्षपातपूर्ण, अपर्याप्त और विकृत' सूचनाओं के निष्क्रिय प्राप्तकर्ता बनकर रह गए हैं।
सूचना का सशक्तिकरण केवल समाचार साझा करना नहीं, बल्कि राष्ट्रीय पहचान की रक्षा करना है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह ऐतिहासिक कदम आज के 'सूचना युद्ध' (Information Warfare) के युग में भी प्रासंगिक है। जब सूचना के स्रोत कुछ ही बड़े देशों या निगमों के हाथों में केंद्रित होते हैं, तो विकासशील देशों की सांस्कृतिक और राजनीतिक पहचान खतरे में पड़ जाती है।
शिखर सम्मेलन ने जोर देकर कहा कि राष्ट्रीय और सांस्कृतिक पहचान की पूर्ण पुष्टि के लिए इस गंभीर असंतुलन को ठीक करना आवश्यक है। राष्ट्रीय सूचना मीडिया का विकास और मुक्ति, स्वतंत्रता के समग्र संघर्ष का एक अभिन्न अंग है।
Frequently Asked Questions
1. प्रेस एजेंसी पूल का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इसका उद्देश्य गैर-aligned देशों को सूचना के मामले में आत्मनिर्भर बनाना और पश्चिमी मीडिया के प्रभुत्व को कम करना था।
2. यह घोषणा आर्थिक व्यवस्था से कैसे जुड़ी थी?
शिखर सम्मेलन का मानना था कि आर्थिक न्याय और सूचनात्मक न्याय दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं।